\"सत्संग के साथ श्रद्धा भाव जरूरी\'
अजमेर| विजयकला पूर्ण सूरी जैन आराधना भवन पुष्कर रोड पर साध्वी डॉ. भव्यानंद श्रीजी ने आयोजित धर्मसभा में कहा कि सत्संग के साथ श्रद्धाभाव जरूरी है।
मोक्ष प्राप्ति के लिए भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। मोक्ष के लिए पहला सत्संग है और इसके साथ श्रद्धाभाव भी होना चाहिए। गौशालक की श्रद्धा कम नहीं थी वहीं गौतम स्वामी में अत्यधिक श्रद्धा विश्वास था। उन्होंने केवल ज्ञान को प्राप्त किया।