\"छल-कपट से भरा है सांसारिक मार्ग\'
जिनशासनतीर्थ क्षेत्र जैन नगर में स्थित जैन लाल मंदिर में सोमवार सुबह ज्ञानोपयोगी ऐलाचार्य वसुनंदी महाराज ने धर्म सभा में कहा कि संसार का मार्ग बड़ा टेढ़ा है। ईर्ष्या छल कपट से भरा हुआ है। मोक्ष का मार्ग इन सबसे हटकर है।
श्रेष्ठ आचरण अगर आपका है तो आप प्रभावना में माध्यम बन सकते हैं। मां-पिता का कर्तव्य है कि अपनी संतान में श्रेष्ठ संस्कारों का बीजारोपण करें ताकि आगे जाकर वह अपना नाम रोशन करे। बगुले की तरह कपटी व्यक्ति कभी मोक्षमार्ग की प्रभावना नहीं कर सकता। अगर आप नियम शर्तों का पालन नहीं कर सकते तो करें, किंतु जो धर्मात्मा है उनकी निंदा करें। ऐसे आचरण करें, जिससे मां-पिता को कलंकित होना पड़े।
महाराज ने कहा कि आज संसार के मार्ग को बताने वाले बहुत है पर मोक्ष के मार्ग को बताने वाले विरले होते हैं। आप ऐसा आचरण करें, जिससे सामने वालों की श्रद्धा धर्म से डगमग हो जाए। एक व्यक्ति के जीवन में भी अगर आप अच्छे संस्कार डाल सकते हैं तो वह भी महानता का काम है। सोमवार को प्रवचन के मुख्य अतिथि अजमेर डिस्कॉम के एमडी बीएस राणावत रहे। राणावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिनशासन तीर्थ क्षेत्र जैन नगर में उत्तर भारत की सबसे उत्तुंग खड्गासन प्रतिमा बनने जा रही है यह अजमेर का सौभाग्य है। इस अवसर पर राणावत का शाॅल ओढ़ाकर स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया। धर्मसभा में मंगलाचरण कोमल जैन ने किया। अभिषेक शांतिधारा के बाद शांतिनाथ विधान किया गया।
बीएस राणावत एलाचार्य महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए।