रेलवे कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
नॉर्थ वेस््रटर्न रेलवे एम्पालाइज यूनियन ने कारखानों में बढ़ती दुर्घटनाओं के विरोध में शनिवार को लोको कारखाने के मेन गेट पर प्रदर्शन किया। इस मौके पर यूनियन के सहायक महामंत्री एवं शाखा सचिव भूपेंद्र भटनागर के नेतृत्व में कर्मचारियों ने बढ़ते हादसों पर नाराजगी जाहिर करते हुए रोष जताया।
शाखा सचिव भटनागर ने बताया कि कारखाने में कर्मचारियों के काम करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। सुरक्षा के साधन जैसे हैलमेट पुराने हो चुके हैं, नए की खरीद नहीं की जा रही। सुरक्षा बेल्ट नहीं हैं, प्राथमिक सुरक्षा केंद्र पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, हादसे के शिकार कर्मचारी को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं है। यूनियन ने कई बार सुरक्षा संसाधनों की मांग की लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेल्डरों के दस्ताने नहीं होने से कर्मचारियों के हाथ जल रहे हैं। हैरत की बात यह है कि सेफ्टी शूज़ और आई ड्रॉप लंबे समय से उपलब्ध नहीं है। कारखाने में वर्कलोड उपलब्ध नहीं है। मेटेरियल समय पर नहीं मिलता है, आईडल टाइम बुक नहीं किया जाता है। इससे प्रोत्साहन भत्ते में लगातार कमी रही है। प्रदर्शन के दौरान विद्युत कारखाना सचिव गिरधारी मंडाड़, कैरिज कारखाना सचिव मदन सिंह राठौड़, मधु खंडेलवाल, जगदीश सिंह, राजेंद्र शर्मा, अशोक चौहान, नीरज गुप्ता, राकेश शर्मा, सत्यनारायण आिद मौजूद थे।
इंतजाम नहीं सुधरे तो और भी हो सकते हैं हादसे
शाखासचिव ने बताया कि प्रशासनिक कार्यालयों के अनुभागों की छतें जर्जर हो रही हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शहर में हुई बरसात के कारण जगह-जगह पानी भरा हुआ है। कर्मचारियों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के प्रति अधिकारियों की संवेदनाएं समाप्त हो चुकी हैं। जिसके कारण कर्मचारियों में रोष है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि शीघ्र ही मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
कारखानों में बढ़ते हादसों के विरोध में लोको कारखाने के बाहर शनिवार को प्रदर्शन करते रेलवे कर्मचारी।