\"सोच बदलें, हिंदी भाषा अपनाएं\'
पुष्कररोड स्थित भगवंत विश्वविद्यालय में शनिवार को हिन्दी दिवस मनाया गया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में केके उपाध्याय ने विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में हिन्दी भाषा अधिक से अधिक उपयोग करने को कहा। वर्तमान में वैज्ञानिक युग में लोगों में यह आम धारणा बन गई है अगर हम हिन्दी भाषा का अधिक उपयोग करेंगे तो लोग हमें पुराने विचारों वाला समझेंगे। जबकि जापान, यूरोप, रूस सहित विश्व के अन्य राष्ट्रों में अपनी मातृभाषा का उपयोग करते हैं। हमें भी अपनी सोच को बदलना होगा।
उपाध्याय ने बताया कि भोपाल के एक विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग जैसा विषय भी हिन्दी में पढ़ाया जा रहा है। हमें भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। छात्र अधिष्ठाता इंजीनियर धर्मेंद्र दुबे ने कहा कि वेद, गीता, आयुर्वेद एवं वर्तमान मेडिकल साइंस का आधार हिन्दी संस्कृत भाषा है। समारोह के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी छात्रों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. आरके माथुर, उप निदेशक प्रो. पके पाण्डेय, डॉ. समीर कुमार सिंह सहित विभागाध्यक्ष एवं छात्र मौजूद थे।