\"गणितीय जटिलता सुलझाने में सक्षम\'
रोडेआइसलैंड विश्वविद्यालय किंग्सटन (यूएसए) के एमेरेटस प्रोफेसर आैर राजस्थान गणित परिषद के मानद सदस्य प्रो. जीआर वर्मा ने कहा कि भारतीय मस्तिष्क किसी भी गणितीय संक्रिया को सुलझाने में सक्षम है, लेकिन दुर्भाग्यवश गणित का आधुनिक साहित्य विदेशी भाषा में उपलब्ध होने के कारण इसका पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है।
प्रो. वर्मा गुरुवार को राजकीय महाविद्यालय में गणित विभाग के पीजी सेमिनार के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि थे। प्रो. वर्मा ने समारोह में उपस्थित गणितज्ञों का आह्वान किया कि गणित से संबंधित ज्ञान को हिंदी में उपलब्ध कराने का भरसक प्रयास करें, ताकि भारतीय विद्यार्थियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने पृथ्वी की आकृति, उसका परिमाप, चंद्र ग्रहण, चंद्रमा एवं पृथ्वी की दूरी आैर न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत से संबंधित गणितीय संक्रियाओं को समझाया। उन्होंने राजस्थान में नारी शिक्षा के बढ़ते कदमों की सराहना करते हुए इसके उत्थान के संदर्भ में अधिकतम प्रयास किए जाने की आवश्यकता जताई, ताकि शोध कार्यो में महिलाओं की अधिकतम भागीदारी हो सके।
सकारात्मक सोच से सफलता निश्चित
समारोहकी अध्यक्षता करते हुए महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के पूर्व कुलपति डॉ. सीबी गैना ने कहा कि यदि सोच सकारात्मक हो, लक्ष्य निश्चित हो, आदर्श जीवन हो तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमती है। उन्होंने प्रो. वर्मा के संघर्षों से भरे जीवन में कठिन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दृढ़ शक्ति को प्रेरणास्पद बताया। पीजी सेमिनार प्रभारी डॉ. केजी. भडाना ने गत परीक्षा में श्रेष्ठ प्राप्तांकों के आधार पर शिवानी इंदौरा को अध्यक्ष, कीर्ति हाडा को उपाघ्यक्ष, पिंटू कंवर को सचिव तथा सुरभि पारीक को संयुक्त सचिव मनोनीत कर वर्षभर की जाने वाली गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। उदघाट्न समारोह को महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. कल्पना गौड़ आैर पूर्व उपाचार्य डॉ. डीसी गोखरू ने भी संबोधित किया। समारोह में जयनारायण विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. लोकेश शेखावत, उपाचार्य डॉ. आईएस सूद, डॉ. अशोक तंवर, राजस्थान गणित परिषद के अध्यक्ष डॉ.वीसी जैन सहित अनेक व्याख्याता एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। मंच संचालन व्याख्याता डॉ. रेनु शर्मा ने किया।12
राजकीय महाविद्यालय में गुरुवार को आयोजित समारोह को संबोधित करते प्रो जीआर वर्मा।