भक्ति से तन-मन दोनों स्वस्थ
जिनकेजीवन में प्रभु के प्रति भक्ति नहीं है उनका जीवन आनंदित नहीं रहता है। भारतीय संस्कृति में प्रभु भक्ति को बहुत महत्व दिया गया है। भगवद् भक्ति से तन और मन दोनों स्वस्थ रहते है। यह बात ऐलाचार्य वसुनंदी महाराज ने केसर गंज स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैसवाल जैन मंदिर में गुरुवार को आयोजित धर्म सभा ने कही। उन्होंने कहा कि भक्ति के सहारे व्यक्ति जीवन में सब कुछ पा लेता है। आज व्यक्ति की जीवन चर्या व्यवस्थित नहीं रही, खाना-पीना, सोना व्यवस्थित नहीं रहा, जल्दी सोने से, जल्दी उठने से स्वास्थ्य ठीक रहता है। इससे बुद्धि परिष्कृत होती है। महाराज ने कहा कि जिस परिवार में संगठन होता है उस घर में कही कोई परेशानी नहीं होती है। एक दूसरे के सुख-दुख में सभी सहयोगी होते है पर आज परिवारों में संगठन नहीं रहा। फलस्वरूप आज जीवन में प्रेम, वात्सल्य, परस्पर सहयोग की भावना नहीं रही। संयोजक विनीत कुमार जैन ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 8 बजे महाराज के केसरगंज जैन मन्दिर में मंगल प्रवचन होगे। 10 बजे आहारचर्या, दोपहर स्वाध्याय शाम 6 बजे कथानक \\\"दो हंसो का जोड़ा\\\' तथा 7.15 बजे गुरु भक्ति आरती की जाएगी।