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सदन में गूंजा एडीए में रिक्त पदों का मामला
विधायकवासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए अजमेर विकास प्राधिकरण में अधिकारियों, अभियंताओं सहित अन्य कार्मिकों के रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्त करने का मामला सदन में उठाया है।
उन्होंने कहा कि एडीए में अधिकारियों, अभियंताओं कार्मिकों के रिक्त पदों के कारण क्षेत्र में विकास जनहित के कार्यों का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। वर्ष 2013 में नगर सुधार न्यास अजमेर को तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा अजमेर विकास प्राधिकरण में क्रमोन्नत किया गया था। प्राधिकरण के गठन के उपरान्त नवसृजित पदों पर कोई नियुक्तियां नहीं की गई। इससे क्षेत्र में विकास कार्यों को गति नहीं मिल पाई और ना ही आमजन के नियमन, भू-रूपांतरण जैसे कार्यों का निस्तारण हो पाया है। क्षेत्रवासियों के बड़ी संख्या में नियमन अन्य प्रकरण वर्तमान में लंबित पड़े हैं। इस वजह से उन्हें बार-बार अजमेर विकास प्राधिकरण में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्राधिकरण की पृथ्वीराज नगर, डीडी पुरम योजना में भूखण्डधारियों को भूखण्डों के कब्जे नहीं मिल रहे हैं। कई खातेदारों को भूमि के बदले भूमि अथवा निर्धारित मुआवजा तक नहीं मिला है। प्राधिकरण की योजना क्षेत्र की काॅलोनियों में भी सड़क-नालियों की स्थिति अत्यन्त दयनीय अवस्था में है। वर्तमान में अजमेर विकास प्राधिकरण में सचिव, आयुक्त, सहायक लेखाधिकारी, विधि लेखाधिकारी, निदेशक नगर नियोजक, निदेशक वित्त विधि जैसे अधिकारियों के प्रमुख पद रिक्त पड़े हैं। इनके अतिरिक्त सहायक नगर नियोजक, उप नगर नियोजक, वरिष्ठ कनिष्ठ प्रारूपकार, सर्वेयर, ट्रेसर, भवन निरीक्षक, कनिष्ठ लेखाकार, वरिष्ठ कनिष्ठ लिपिक, अन्वेषक के भी बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं।
प्राधिकरण में अधीक्षण अभियन्ता, कनिष्ठ अभियन्ता सहायक अभियन्ता के 36 पद रिक्त हैं। इस कारण क्षेत्र में विकास कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है साथ ही क्षेत्र में जो विकास कार्य चल रहे है उनकी भी प्रभावी मॉनीटरिंग नहीं हो पा रही है।