अवैध निर्माण को सीज करने की कवायद
केसरगंजमें पुलिस चौकी के सामने स्थित अवैध निर्माण को सीज करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम के सीईओ सीआर मीणा ने सोमवार को अधिकारियों को पुलिस इमदाद लेकर 11 दिसंबर को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार पुरानी बिल्डिंग तोड़कर उसके स्थान पर नया निर्माण किया गया है। निगम ने आवासीय नक्शा पास किया था लेकिन मौके पर बेसमेंट सहित तकरीबन 70 दुकानों काे निर्माण कर लिया गया।
निगम ने कई बार अवैध निर्माण रुकवाया और सामान भी जब्त किया गया। लेकिन निगम के कारिंदों की मिलीभगत के चलते प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई। सीईओ मीणा ने इसे गंभीरता से लेते हुए सोमवार को पत्रावली तलब की तो पता चला कि सीज की कार्रवाई के आदेश तो काफी पहले ही हो चुके हैं। मीणा ने 11 दिसंबर को मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को सीज करने के निर्देश जारी कर दिए।
फाइल रेंगती रही और अवैध निर्माण होता रहा
अवैधनिर्माण के लिए निर्माण करने वाले ही नहीं बल्कि इसे शह देने वाले सरकारी कर्मचारी भी उतने ही जिम्मेदार हैं। इस अवैध निर्माण को देखा जाए तो एक-दो नहीं बल्कि करीब 70 दुकानें बन गई। इस दौरान निगम में शिकायतें भी मिली और फाइल भी चली। लेकिन फाइल रेंगती रही और अवैध निर्माण तेजी से होता रहा। हालात यह हैं कि दुकानें बनकर बिक भी गई है और निगम की कार्रवाई अब तक सीज करने के स्तर पर पहुंची है।
ये लोग हैं निर्माण के जिम्मेदार
निगमके रिकाॅर्ड के अनुसार भवन पूर्व में जगदीश अग्रवाल अन्य के नाम था। इसके बाद इसे कुछ लोगों ने खरीद लिया और बड़े पैमाने पर निर्माण शुरू कर दिया। जिन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी हुए हैं, उनमें प्रकाश जानवानी, शिवम खेमानी, कृष्णा नेचानी, जगदीश मोरानी, विजय नारवानी, रमेश गोकलानी, अशोक दादवानी और महेंद्र कुमावत के नाम शामिल हैं।
केसर गंज में इन दुकानों को सीज करने की कार्रवाई करेगा नगर निगम।