अजमेर। जोंस गंज स्थित रेलवे क्वार्टर्स को रेलवे की टीम ने अनसेफ घोषित कर इनमें रहने वाले रेलवे कार्मिकों को क्वार्टर खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। इधर इन क्वार्टर्स में रहने वाले रेलवे कार्मिकों ने इन क्वार्टर्स को सेफ बता कर रेलवे यूनियन पदाधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
जोंस गंज स्थित रेलवे कॉलोनी में 32 क्वार्टर्स में इस समय करीब 150 रेलवेकर्मी रह रहे हैं। जब इन कार्मिकों के पास नोटिस पहुंचे, तो खलबली मच गई। रेलवे कर्मियों में प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ नाराजगी भी नजर आई। रेलवे कार्मिकों और परिवारजनों का कहना है कि एक क्वार्टर के छज्जे का कुछ हिस्सा पूर्व में गिर गया था, लेकिन अन्य क्वार्टर्स बिल्कुल सुरक्षित हैं। रेलवे कार्मिकों का आरोप है कि क्वार्टर्स का सर्वे करने आई टीम ने रेलवे प्रशासन को गलत रिपोर्ट दी है। इन क्वार्टर्स में टाइलें लगी हैं और लोग रह रहे हैं।
यूनियन पदाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग : कॉलोनी का एक प्रतिनिधिमंडल रात को रेलवे यूनियन कार्यालय पहुंचा। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन के पदाधिकारी भूपेंद्र भटनागर से प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में चर्चा की और हस्तक्षेप की मांग की। भटनागर ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
'जोंस गंज रेलवे कॉलोनी के क्वार्टर्स का सर्वे कराया गया था। सर्वे टीम ने इन क्वार्टर्स को अनसेफ घोषित कर दिया है। अनसेफ क्वार्टर्स में रेलवे कार्मिकों को नहीं रखा जा सकता। इन कार्मिकों काे नाेटिस दिए गए हैं।' -नरेश सालेचा, डीआरएम, अजमेर
(फोटो- रेलवे प्रशासन ने इन क्वार्टर्स को अनसेफ बताते हुए खाली करने को कहा है)