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आस्था और संस्कृति का संगम

7 वर्ष पहले
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रोडवेज को फायदा दे सकता है मेला

नन्हे घुड़सवारों ने किया रोमांचित

समारोहमें अजमेर जिला घुड़सवारी एसोसिएशन की ओर से अश्व प्रदर्शन किया गया। जिसमें नन्हे घुड़सवारों ने करीब आधे घंटे तक सामूहिक एकल सलामी, टेट पैगिंग, हैंकी पैगिंग, म्यूजिकल राइड, हॉर्स परेड आदि का प्रदर्शन किया। घड़सवारों के हैरत अंगेज करतब देख ग्रामीण मेलार्थी विदेशी मेहमान दंग रह गए।

दुर्लभ पद्म योग में विशेष स्नान आज

पुष्करसरोवर में कार्तिक पूर्णिमा के महास्नान के दूसरे दिन शुक्रवार को मृग चर्म से शुद्घि स्नान होगा। कार्तिक मास की पंच-तिथियों के स्नान के दूसरे दिन सरोवर में स्नान कर मृग चर्म के शरीर पर छींटे लगाने का विशेष धार्मिक महत्व है। इसके अलावा दोपहर को दो बजे बाद से दुर्लभ पद्म योग का स्नान शुरू होगा। यह योग शनिवार की दोपहर तक रहेगा। पंडित कैलाश नाथ दाधीच ने बताया कि इस योग में स्नान करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।

सरोवरमें डूबने से बचाया : महास्नानके दौरान पुरोहितों गोताखोरों ने पुष्कर सरोवर में कई श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया। चेतावनी दिए जाने के बावजूद लोग स्नान के लिए गहरे पानी में जा रहे थे।

बसों पर रखी नजर

रोडवेजप्रबंधन को आशंका थी कि पर्याप्त बसें होने के बाद भी इनकी कमी की स्थिति सामने आती है, क्योंकि कई चालक खाली बसों को बीच में रोक देते हैं। इसे लेकर बसों पर पूरी नजर रखी गई।

बस स्टैंड भी फुल

मेलेके कारण बस स्टैंड भी पूरे दिन भरा-भरा नजर आया। सभी बुकिंग विंडो पर कतारें लगी रही। अजमेर से विभिन्न मार्गों पर जाने वाली बसें भरी रही। जयपुर, भीलवाड़ा, कोटा मार्ग पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया।

पुष्कर मेले के समापन समारोह के दौरान आयोजित रस्साकशी प्रतियोगिता में जोर-आजमाइश करती विदेशी और स्थानीय महिलाएं।

पुष्कर मेला इस बार रोडवेज को फायदा दे सकता है। कारण है चतुर्दशी की शाम से लेकर पूर्णिमा की रात तक बसें जमकर चलीं और वह भी खचाखच। बसों ने 400 से ज्यादा चक्कर किए। हालात यह थे कि बसें 5 से 7 मिनट के अंतराल में ही पूरी भरकर संचालित हुई। रोडवेज ने 122 बसों की व्यवस्था की थी। यात्रियों की अधिक तादाद के अनुमान को देखते हुए आसपास के गांवों में जाने वाली 20 बसों को अजमेर-पुष्कर ही लगा दिया। जबकि इस रूट पर आगार पहले ही 22 बसों का संचालन कर रहा था। जबकि 80 बसों