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आउटडोर, ओपीडी पर मरीजों की कतार

7 वर्ष पहले
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दवा के लिए भी लंबी लाइन

जेएलएनअस्पताल में रेजीडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल का असर पहले ही दिन व्यवस्थाओं पर दिखा। आउटडोर और आपताकालीन विभाग में मरीजों की लंबी कतार लग गई। बीमार मरीजों को काफी देर तक बारी का इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन ने गांवों से चिकित्सकों को बुला लिया है। सीनियर रेजीडेंट काे बिना अनुमति बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। अस्पताल में करीब 280 से अधिक रेजीडेंट डॉक्टर्स काम पर नहीं आए। इस कारण अाउटडोर आपातकालीन विभाग में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी वार्ड में भर्ती मरीजों को हुई। सुबह होने वाली जांचें भी सीनियर डॉक्टर के राउंड पर आने के बाद हो सकीं। आपातकालीन विभाग में अत्यंत कम मरीजों को भर्ती किया गया। ऐसे हालात में वार्ड खाली ही नजर आया।

कोटा मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट डॉक्टर से मारपीट और लंबित मांगों को लेकर रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन जेएलएन इकाई के अध्यक्ष डॉ. रमेश शर्मा ने बताया कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को चिकित्सा मंत्री से वार्ता होने की संभावना है। डॉ. रमेश शर्मा ने बताया कि कोटा में मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में उनकी हड़ताल जारी है। शुक्रवार को संभावना है कि जयपुर में चिकित्सा मंत्री से बातचीत होगी। इसके बाद ही हड़ताल जारी रखने या रखने के बारे में निर्णय होगा।

गुरुवार को रेजीडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल के चलते जेएलएन हॉस्पिटल में अव्यवस्थाएं साफ नजर आईं। डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीजों को दवा लेने के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ा।

पैराफेरी क्षेत्रों से बुलाए डॉक्टर

सहायकअस्पताल अधीक्षक डॉ. विक्रांत शर्मा ने बताया कि रेजीडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल को देखते हुए पैराफेरी क्षेत्रों से चिकित्सकों को जेएलएन अस्पताल मेें सेवाएं देने के लिए बुला लिया गया है। इनमें फिजीशियन, सर्जन, ईएनटी, अस्थिरोग विशेष शामिल हैं। आवश्यकतानुसार इनकी सेवाएं ली जा रही हैं। डॉ. शर्मा ने सुबह से देर रात तक आपातकालीन विभाग में सेवाएं दी और मरीजों का उपचार किया।

रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन जेएलएन इकाई के अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में जब से निशुल्क दवा एवं जांच योजना शुरू हुई है, तब से ही काम भी दबाव बढ़ा है। सरकारी