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अदालत परिसर बना पुलिस छावनी

6 वर्ष पहले
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अजमेर. जिला न्यायालय परिसर में बीते दो-तीन दिन की घटनाओं के बाद सोमवार को पुलिस प्रशासन जरूरत से ज्यादा सजग नजर आया। शहर के छह पुलिस अधिकारियों सहित सवा सौ जवानों ने अदालत परिसर को पुलिस छावनी बना दिया। इधर, जिला न्यायालय परिसर में तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज किए हैं।

एक मुकदमा न्यायिक कर्मचारी की शिकायत पर और दूसरा मुकदमा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम दरगन की शिकायत पर दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में किसी भी वकील या अन्य व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है। शुक्रवार शनिवार को हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने अज्ञात लोगों और वकीलों के खिलाफ भादंसं की धारा 341, 352, 452, 142 और पीडीपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस घटनाक्रम की वीडियो क्लिपिंग के आधार पर आरोपियों को चिह्नित करेगी। थाना प्रभारी हनुमाना राम विश्नोई के अनुसार मामलों में जांच की जा रही है। सोमवार को पुलिस का भारी जाब्ता अदालत परिसर में तैनात किया गया। एडिशनल एसपी सहित तीन डिप्टी और कई थानों के प्रभारी अदालत परिसर में जमे रहे।
पूरी तरह से लैस तकरीबन सवा सौ जवानों को भी परिसर के गेट अन्य जगह पर तैनात किया गया, इसमें बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। पुलिस ने कोर्ट परिसर की निगरानी बढ़ा दी है। एसपी बहादुर सिंह राठौड़ ने बताया कि किसी भी सूरत में न्यायिक परिसर में अशांति नहीं होने दी जाएगी।

जिला बार एसोसिएशन की साधारण सभा अध्यक्ष अजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। त्रिपाठी ने वकीलों को बताया कि प्रकरण को लेकर शिकायत निवारण कमेटी के समक्ष उन्होंने अपना पक्ष रखा है। कोर्ट कर्मचारियों के नाम से खोली गई दुकान को तत्काल बंद करने तथा अदालत के मुख्य द्वार पूर्ववत खुले रखे जाने की मांग की गई है। एटीएस की जिस रिपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर गेट बंद किए गए हैं, उसकी समीक्षा करने की मांग भी की गई है। त्रिपाठी ने वकीलों को कहा कि हाईकोर्ट के न्यायाधिपति अजय रस्तोगी से वार्ता हुई है और उन्होंने आगामी वार्ता कार्रवाई तक शांति बनाए रखने का आग्रह किया है।
त्रिपाठी ने वकीलों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें। हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट प्रशासन के समक्ष मजबूती से अपना पक्ष रखा जाएगा। त्रिपाठी ने बताया कि न्यायाधिपति रस्तोगी ने मंगलवार शाम को वार्ता के लिए समय दिया है।

यह है मामला

जिला न्यायालय में पिछले कुछ समय से फोटोस्टेट की दुकान को लेकर विवाद चल रहा है। तीन दिन पूर्व कर्मचारी संघ के नाम से फोटोस्टेट की दुकान खुलने से मामला बढ़ गया। वकीलों ने दुकान बंद करवा दी और सुरक्षा के लिए बंद किए गए मुख्य गेट के ताले तोड़ दिए। इसके बाद से कोर्ट परिसर में तनाव की स्थिति है।

तोड़फोड़ मारपीट के आरोप में मुकदमे

पुलिसके अनुसार कोर्ट परिसर में फोटो स्टेट की दुकान पर तैनात न्यायिक कर्मचारी मंगल सिंह झाला ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि शनिवार को वकीलों सहित 25 लोगों ने दुकान में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट अभद्र व्यवहार किया। कर्मचारी ने रिपोर्ट के साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम दरगन का कवर लेटर भी लगाया है। मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है। इसी तरह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम दरगन की रिपोर्ट पर अज्ञात वकीलों के खिलाफ कोर्ट परिसर में फोटो स्टेट की दुकान में घुसकर तोड़फोड़, कोर्ट के गेट पर चेन और ताले तोड़ने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी नामजद नहीं है। घटना के दौरान की गई वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी।