अजमेर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष एम. शिवाना ने जिला प्रशासन को अजमेर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए शीघ्र कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी दिलाने के लिए पुख्ता व्यवस्था करने की हिदायत दी है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी स्वच्छ भारत अभियान की संकल्पना को मूर्त देने की अहम कड़ी हैं। हमें उनके हितों के प्रति सजग एवं संवेदनशील रहने की जरूरत है। सफाई कर्मचारियों के वेतन, आवास आदि अन्य सुविधाओं के प्रति संवेदनशील होकर कार्य करने की आवश्यकता है।
कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित बैठक में अधिकारियों से शिवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारी जिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं, उसके अनुरूप मास्क, बूट, एप्रिन, हैंडगलब्स आदि उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने सफाई कर्मियों की लंबित भर्ती, वाल्मीकि समाज के लिए आवासीय योजनाओं में मकान आरक्षित करने के संबंध में जानकारी ली तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की बात कही।
कलेक्टर डॉ. आरुषि ए. मलिक ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती का मामला चुनाव के दौरान आचार संहिता के चलते लंबित था। अब राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही अजमेर विकास प्राधिकरण व अन्य आवासीय योजनाओं में वाल्मीकि समाज के लिए आवास आरक्षित करने संबंधी प्रस्ताव को भी कार्यरूप दिया जाएगा। नगर निगम के सीईओ सीआर मीणा ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन वृद्धि के संबंध में राज्य सरकार को नवीन प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी अनुमति मिलना शेष है।
निगम द्वारा सफाई कर्मचारियों को वेतन का भुगतान चेक द्वारा किया जा रहा है। ठेकेदार को भविष्य निधि की राशि की कटौती करने के संबंध में निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर
किशोर कुमार, बंशीलाल मीणा, आयुक्त नगर निगम नारायण लाल मीणा, सीमा शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतीश जांगिड़, पुलिस उप अधीक्षक रामदेव सिंह, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी
मौजूद थे।
सफाई ठेके के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी
स्वायत्त शासन विभाग की नसीहत के बाद अजमेर नगर निगम ने सोमवार सफाई ठेके के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी कर दिया। अगले माह13 मार्च को टेंडर खोला जाएगा। नगर निगम के सीईओ सीआर मीणा के मंगलवार को लौटने पर निगम में फिर से बैठक हुई और टेंडर में शामिल शर्तों पर चर्चा की गई। इसके बाद मीणा ने टेंडर ऑनलाइन जारी कर दिया है। ऑनलाइन टेंडर होने से ठेकेदार मिलीभगत नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा ठेके में शामिल होने के लिए बीस करोड़ रुपए का वार्षिक टर्नओवर की शर्त के चलते छोटे ठेकेदार भी शामिल नहीं हो पाएंगे।