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पार्षदों का हंगामा, बोले-हमारी तो कोई सुनता ही नहीं
एक नजर बड़े खर्चों पर
कौन हैं पंडित भार्गव?
सदनमें उस समय हास्यास्पद स्थिति हो गई, जब कांग्रेस पार्षद दल के मुख्य सचेतक नौरत गुर्जर ने पूछा कि पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गव काैन हैं? उनकी जीवनी सदन में रखी जाए। हुआ यूं कि प्रस्ताव संख्या दो में गांधी भवन से सोफिया कॉलेज (कचहरी रोड होते हुए) तक के मार्ग का नामकरण पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गव के नाम करने का प्रस्ताव रखा गया था। इस पर कांग्रेस पार्षद आशा तुनवाल ने इसका विरोध करते हुए कहा कि भार्गव की जगह उनके क्षेत्र में ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने बहुत काम किए हैं। इस पर गुर्जर ने सदन से ही पूछ लिया कि भार्गव की जीवनी बताई जाए। भागीरथ जोशी, नीरज जैन ने भार्गव के बारे में जानकारी दी।
प्रमुख निर्णय
शहरकी भावी जनसंख्या, व्यापार एवं जनसुविधाओं के मद्देनजर भावी योजना बनाने एवं विकास कार्य को गति देने के उद्देश्य से अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक पद के सृजन का प्रस्ताव सदन में रखा गया था। पार्षदों ने इस प्रस्ताव को यह कहकर खारिज कर दिया कि इससे निगम पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। फिलहाल निगम को उक्त पद की आवश्यकता नहीं है। इसी प्रकार केंद्र सरकार द्वारा अजमेर को हैरिटेज स्मार्ट सिटी घोषित किया गया है। ऐसे में निगम के स्वास्थ्य निरीक्षकों को निगम कार्य के लिए निजी वाहनों का उपयोग किया जाता है। उन्हें कार्य दिवस के दौरान प्रतिदिन एक लीटर पेट्रोल दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे सभी पार्षदों ने खारिज कर दिया।
ये उठे सवाल
{विवाहस्थल पंजीयन का पार्षदों ने जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव की कौन-कौन से समारोह स्थल स्वामियों ने संशोधन की मांग की है उनके नामों का खुलासा किया जाए। सदन से जानकारी चाही कि वर्तमान में कितने समारोह स्थल पंजीकृत हैं। इस पर मेयर बाकाेलिया ने कहा कि पांच समारोह स्थल पंजीकृत हैं और 67 का प्रोविजनली पंजीयन है, जिनसे 41 लाख 64 हजार 219 रुपए की आय निगम को हो रही है। पार्षदों ने कहा कि सेनेटरी इंस्पेक्टर को पाबंद किया जाए कि वह शहर के समारोह स्थलों की सूची तैयार करें। जो नियमानुसार नहीं बने हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। { पार्षदों ने सुभाष उद्यान और फॉयसागर उद्यान को 10 वर्ष के लिए बीओटी आधार पर देने का विरोध किया। संपत सांखला, विजय नागाैरा, नौरत गुर्जर, नरेश सत्यावना ने कहा कि उक्त दोनों उद्यानों को हैरिटेज सिटी में शामिल किया गया है। सरकार ने इनके विकास के लिए दस करोड़ रुपए भी स्वीकृत कर दिए हैं। ऐसे में बीओटी आधार पर देने का कोई मतलब ही नहीं है। सीईओ मीणा ने कहा कि दोनों उद्यानों का विकास करवाया जाएगा। { सदन में प्रस्ताव संख्या 12 में पेश किए गए ई-सुगम के बजट पर भी पार्षदों ने विरोध किया। पार्षदों का आरोप था कि उनके द्वारा बताए गए कार्य पहले ही नहीं होते हैं। ऐसे में ई-सुगम का बजट बढ़ाए जाने से इसका असर विकास कार्यों पर पड़ेगा। पार्षदों ने सुझाव दिए कि इस प्रस्ताव में संशोधन करने के बाद ही पारित किया जाए। { पार्षदों ने शहर में लगाए जा रहे मोबाइल टावर लगाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थलों के आस पास मोबाइल टावर लगे हुए हैं। टावर लगाने के लिए तय नियम शर्तों का उल्लंघन हो रहा है। {सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाना, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करने पर 500 रुपए के दंड का प्रावधान रखा गया है। इसका सभी पार्षदों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारी को जुर्माना वसूलने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। नहीं तो इसका गलत इस्तेमाल होगा।
इंफ्रा रिपोर्टर| अजमेर
नगरनिगम में बजट को लेकर आयोजित साधारण सभा हंगामेदार रही। सदन के पटल पर रखे गए अनुमानित बजट के आंकड़ों पर पार्षदों ने अंगुली उठाई। भाजपा पार्षद दल के मुख्य सचेतक भागीरथ जोशी ने कह दिया कि फर्जी बजट तैयार किया गया है। नेता प्रतिपक्ष नरेश सत्यावना ने कहा कि गत साधारण सभा में जो निर्णय हुए, उनकी अब तक पालना ही नहीं हुई है। भाजपा पार्षद संपत सांखला ने कहा कि कई अधिकारी तो ऐसे हैं जो कभी साधारण सभा में आते ही नहीं हैं। उन्हें बजट सत्र में उपस्थित होने के लिए पाबंद किया जाए।
सदन के पटल पर 17 प्रस्ताव रखे गए। इसमें तीन खारिज हुए और एक प्रस्ताव में संशोधन कर पुन: साधारण सभा में पेश करने को कहा गया। भागीरथ जोशी ने बजट पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो आंकड़े पेश किए गए, उनकी पूर्ति निगम कैसे करेगा, इसका कहीं पर उल्लेख नहीं किया गया है। जोशी ने कहा कि जब भूमि विक्रय का 15 प्रतिशत आवासन मंडल से लेना है तो वर्ष 2014-15 में क्यों नहीं लिया गया। अन्य प्रशासकीय व्यय 326 लाख से बढ़ाकर 384 लाख कर दिया, जबकि वर्ष 2014-15 में यह व्यय 182 लाख ही था। इसी प्रकार कूड़ा, कचरा सफाई का खर्च 1200 से बढ़ाकर 1800 लाख कर दिया। यह राशि किस प्रकार निगम को प्राप्त होगी, इसका भी खुलासा नहीं है।
कबआएंगे शव वाहन
नेताप्रतिपक्ष नरेश सत्यावना ने कहा कि गत साधारण सभा की बैठ में प्रस्ताव पास करते हुए दो शव वाहन खरीदने पर सहमति हुई थी, लेकिन अब तक उक्त वाहनों को खरीदा नहीं गया है। अन्य वाहन खरीद पर 100 लाख और जीप, कार, आवारा जानवर पिंजरा खरीद पर 50 लाख रुपए का प्रावधान रखा है। आमजन से जुड़ी इस सुविधा को दरकिनार किया गया है। विरोध को देखते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीआर मीणा ने कहा कि शीघ्र ही दो शव वाहनों की खरीद की जाएगी।
{ कचरा सफाई पर खर्च- 1800
{कंक्रीट सड़क पर व्यय- 300
{डामर सड़क पर व्यय- 300
{सार्वजनिक प्रकाश उपकरण- 300
{सड़क एवं पुल- 250
{स्मार्ट सिटी के लिए -100
{ सुरक्षा निक्षेप- 70
{महापौर, अध्यक्ष, पार्षद अन्य भत्ते (विविध)-360
{ ई-गवर्नेंस सामाजिक दायित्व - 100सयंत्रएवं मशीनरी (हाइड्रोलिंक प्लेटफार्म)- 550
{वाहनों पर खर्च- 100
{शहर की नालियों पर खर्च- 400
{प्रकाश व्यवस्था- 350
{सार्वजनिक शौचालय एवं अन्य संपत्तियां- 100
{बाग-बगीचे उद्यान- 100
{कार्यालय भवन- 1500
{सामुदायिक अन्य भवन- 150
नगर निगम में वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए तैयार किया गया 2 अरब 45 करोड़ 84 हजार रुपए का बजट पारित कर दिया गया। सदन में मेयर ने बजट प्रस्ताव रखा। आय-व्यय के प्रावधानों पर चर्चा के बाद बजट पारित कर दिया गया। यह बजट पिछले साल से 4475 लाख रुपए ज्यादा है। गत बजट 2 अरब 10 करोड़ 9 हजार रुपए था।
कांग्रेस महिला पार्षद तारा देवी यादव ने कहा कि निगम में हमारी कोई सुनता ही नहीं है। उनके क्षेत्र में कचरा उठाने के लिए कई बार अधिकारियों को कहा गया, लेकिन अब तक कचरा नहीं उठाया गया। इस पर सभी पार्षदों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य निरीक्षक किसी भी पार्षद की सुनते ही नहीं हैं। उन्होंने स्वास्थ्य निरीक्षक को हटाने की मांग की। महिला पार्षद धरने पर बैठ गई। पार्षद नीरज जैन ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य निरीक्षक कर्मचारियों को धमकाते हैं और काम नहीं करने देते।
नगर निगम साधारण सभा के दौरान विरोध व्यक्त करते जनप्रतिनिधि।