अजमेर। राजस्व मंडल की ओर से राजस्व न्यायालयों के कामकाज के लिए आॅनलाइन व्यवस्था शुरू की जा रही है। प्रथम चरण में अजमेर शहर के राजस्व न्यायालयों का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयन किया गया है। संभागीय आयुक्त डाॅ. धर्मेंद्र भटनागर को योजना को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजस्व मंडल अजमेर के निर्देशन में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की ओर से राजस्व अदालतों के कामकाज में गति लाने तथा पक्षकारों व अभिभावकों की सुविधा के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम को ‘रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ नाम दिया गया है।
बुधवार को राजस्व मंडल अध्यक्ष नीलिमा जौहरी एवं संभागीय आयुक्त डाॅ. धर्मेंद्र भटनागर ने योजना का प्रजेंटेशन देखा। योजना आगामी कुछ दिनों में अजमेर से शुरू होगी। प्रथम चरण में संभागीय आयुक्त, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी, राजस्व न्यायालय के कामकाज को ऑनलाइन किया जाएगा। योजना के तहत अजमेर शहर के सभी राजस्व न्यायालय में कामकाज को ‘रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ के जरिए चलाया जाएगा। इस सिस्टम के तहत राजस्व न्यायालयों से संबंधित विभिन्न सूचनाएं एवं काॅज लिस्ट प्रतिदिन वेबसाइट पर अपडेट होगी। पक्षकार एवं वकील वेबसाइट के जरिए काॅज लिस्ट प्राप्त कर सकेंगे। राजस्व मंडल के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत राजस्व न्यायालयों के माध्यम से भेजी जाने वाली त्रैमासिक एवं अर्द्धवार्षिक प्रगति सूचना, काॅज लिस्ट, बैंच व अगली तारीख आदि की जानकारी मिल सकेगी। इसे एसएमएस सर्विस से भी जोड़ा
जा रहा है।
निर्णय भी डिजिटल हस्ताक्षर से जारी होंगे
इस योजना के आगामी चरण में मुकदमों के निर्णय भी डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हो सकेंगे। पक्षकारों को मुकदमे की प्रतिलिपि लेने के लिए राजस्व न्यायालय आने की आवश्यकता नहीं रहेगी। वे ई मित्र या सीएससी से प्रतिलिपि ले सकेंगे। योजना के तहत शीघ्र ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।