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अजमेर में निर्विरोध जिला प्रमुख बनीं भाजपा की वंदना नाेगिया
खंडार में पुलिस ने चलाई रबर की गोलियां, एक की मौत, छह घायल
जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव शनिवार को संपन्न हुए। अजमेर सहित भाजपा के 21 और कांग्रेस के 12 जिला प्रमुख बने। नागौर अलवर में बहुमत के बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां पर भाजपा सदस्यों ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया। झुंझुनूं में बराबर-बराबर सीटें हासिल करने के बावजूद कांग्रेस ने निर्दलीय की मदद से प्रमुख की सीट अपने कब्जे में कर ली। प्रदेश में 295 पंचायत समितियों में से रात 12 बजे तक 291 के परिणाम घोषित किए गए। इनमें भाजपा 161 और कांग्रेस 115 प्रधान बनाने में कामयाब हुई।
बसपा का भी एक प्रधान धौलपुर के सैंपऊ में चुना गया। निर्दलीय अन्य के 14 प्रधान बने। इनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से आगे निकल गईं। प्रदेश में 152 महिला और 119 पुरुष प्रधान चुने गए हैं। नागौर में जिला परिषद की 47 सीटों में भाजपा को 25 और कांग्रेस को 22 सीटें मिली थी। लेकिन कांग्रेस ने यहां भाजपा के वोटों में सेंध लगाई और अपना प्रमुख बनाने में कामयाब रही। शेष| पेज 13
भाजपाके तीन सदस्यों की क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस की सुनीता को 26 वोट मिले।
इसी तरह अलवर में कांग्रेस की रेखा यादव जिला प्रमुख चुनी गई। यहां 49 में से भाजपा को 30, कांग्रेस को 18 एक निर्दलीय सदस्य चुना गया था। भाजपा की जीत तय थी, लेकिन भाजपा सदस्यों की क्रॉस वोटिंग के चलते रेखा 25 वोट लेकर प्रमुख बन गई।
पूर्वविधायक प्रतिभा सिंह हारीं
नवलगढ़में पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह ने निर्दलीय रूप में चुनाव जीतकर भाजपा की सदस्यता ली और प्रधान के लिए नामांकन भरा, लेकिन वे एक वोट से हार गईं। उधर, पिलानी से विधायक सुंदरलाल के बेटे कैलाश मेघवाल चिड़ावा पंचायत समिति के प्रधान बन गए।
वे निर्दलीय चुनाव लड़े थे। भाजपा ने उनके खिलाफ प्रधान का उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा।
प्रतापगढ़.परिवारवाद को लेकर विवादों में रह चुके जनजाति मंत्री नंदलाल मीणा की बहू सारिका मीणा जिला प्रमुख चुनी गईं। उन्होंने कांग्रेस के दावेदार को नौ वोट से शिकस्त दी।
वंदना नोगिया, भाजपा, अजमेर
सब्जी बेचने वाली युवती निर्विरोध बनी प्रधान
भीलवाड़ाकी मांडल पंस. में 25 साल की आशा बैरवा निर्विरोध प्रधान बनी हैं। वे बीएड कर रही हैं और कॉलेज से लौटने के बाद मां के साथ सब्जी बेचती हैं। उधर, इसी जिले की हुरड़ा पंचायत समिति में 21 साल की घीसी प्रधान बनी हैं। वे बीए की छात्रा हैं।
सवाई माधोपुर की खंडार पंचायत समिति में शनिवार को प्रधान चुनाव के दौरान दो पक्षों में टकराव हो गया। दोनों पक्षों ने पथराव किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां चलाईं। इसमें छह लोग घायल हुए। इनमें से बाद में दुलीचंद जाट की मौत हो गई। आईजी भरतपुर रेंज, बीजू जार्ज जोसफ ने कहा- कोई फायरिंग नहीं हुई थी। आंसू गैस जरूर दागी गई। उधर, बस्सी में भी पुलिस से भीड़ का संघर्ष हुआ। बांसवाड़ा की गांगड़तलाई पंचायत समिति में उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
खंडार | उपद्रवियोंको खदेड़ने पहुंची कोबरा टीम।
18 महिलाएं जीतीं
महिलाओंके लिए 16 सीटें रिजर्व थीं। पर 18 महिलाएं जिला प्रमुख बनीं। कांग्रेस की 10 भाजपा की आठ। वर्ष 2010 में 19 महिलाएं जिला प्रमुख बनी थीं।
5 जिला प्रमुख निर्विरोध निर्वाचित
अजमेर,झालावाड़, पाली राजसमंद में भाजपा और जैसलमेर में कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित।
जीती भाजपा से, प्रधान बनी कांग्रेस की
अलवरके उमरैण में भाजपा के टिकट पर पंचायत समिति सदस्य बनी मंजू पटेल को कांग्रेस ने प्रधान का सिंबल दे दिया। वे कांग्रेस से प्रधान बन भी गई।
अजमेर| भाजपाकी वंदना नोगिया शनिवार को अजमेर जिला प्रमुख पद पर निर्विरोध निर्वाचित हो गईं। यह पहला मौका है जब जिला परिषद में किसी दल का नेता निर्विरोध निर्वाचित हुआ है। जिला प्रमुख का पद एससी महिला के लिए आरक्षित था। कांग्रेस में एक भी एससी महिला चुनाव जीतकर नहीं आई। लिहाजा वह भाजपा के सामने अपना प्रत्याशी नहीं उतार सकी। जिला प्रमुख के पद पर निर्वाचित होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी आरुषि मलिक ने वंदना नोगिया को शपथ दिलाई। 32 सदस्यीय जिला परिषद में भाजपा के 23 कांग्रेस के 9 सदस्य हैं। संख्या बल के आधार पर शुरू से ही भाजपा का जिला प्रमुख बनना तय था। शेष| पेज 13 (पढ़ें पेज 2 15)
जिलाप्रमुख पद के प्रत्याशी के लिए भाजपा संगठन शुक्रवार रात तक कोई नाम तय नहीं कर पाया। जिला प्रमुख के लिए शनिवार को जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष चार प्रत्याशियों ने पांच नामांकन पत्र दाखिल किए। इनमें से वार्ड 6 से निर्वाचित संतोष गोयल ने निर्धारित समय बीतने के बाद नामांकन पत्र दिया जो निरस्त कर दिया गया। इसके बाद वार्ड 30 से चुनाव जीती सरोज देवी भी बाद में नामांकन पत्र लेने के लिए गईं लेकिन नामांकन पत्र भरने का समय बीतने के कारण पुलिस ने उन्हें आवेदन लेने के लिए ही नहीं जाने दिया।
शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी गुट और आरएसएस परिवार से जुड़ी वंदना नोगिया, केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री सांवर लाल जाट गुट की डॉ.अनिता बैरवा और भाजपा नेता भंवर सिंह पलाड़ा गुट की किरण जेदिया ने भाजपा से नामांकन पत्र दाखिल किया। अनिता बैरवा ने भाजपा के साथ-साथ निर्दलीय की हैसियत से भी नामांकन पत्र भरा। नामांकन पत्र की जांच के तुरंत बाद ही किरण जेदिया ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। प्रदेश संगठन की फटकार के बाद अनिता बैरवा ने भी नामांकन पत्र वापस ले लिया। एक ही प्रत्याशी के चुनाव मैदान में रह जाने पर दोपहर एक बजने के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी ने वंदना नोगिया को निर्विरोध जिला प्रमुख घोषित कर दिया। जिला निर्वाचन अधिकारी आरुषि मलिक ने उन्हें जिला प्रमुख की शपथ दिलाई।
गांवों का विकास रहेगी प्राथमिकता- वंदना
जिला प्रमुख ने शपथ के तुरंत बाद पत्रकारों से कहा कि गांवों का विकास उनकी प्राथमिकता रहेगी। वे सड़क-पानी बिजली के साथ ही गांवों की अन्य समस्याओं का समाधान करेंगी। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की योजनाओं के कारण ही जिला प्रमुख पद तक पहुंची हैं। उन्होंने सबको साथ लेकर चलने का वादा किया। बाद में जिला परिषद स्थित शिव मंदिर में ढोक लगाने के बाद वह सीधे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मातृ मंदिर पहुंची। वहां से जुलूस के रूप में अपने कंचन नगर स्थित अपने घर पहुंची।
परिचय
नाम- वंदना नोगिया
जीतीं-जिला परिषद के वार्ड 32 से
शिक्षा- मदस विश्वविद्यालय में एमएससी फाइनल इयर की छात्रा
जन्म तिथि- 20.02.1992
पिता- किरण प्रकाश नोगिया एडवोकेट
माता- इंद्रा देवी नोगिया- ग्रोसन पब्लिक स्कूल का संचालन
दादा- सूर्यप्रकाश नोगिया पूर्व पार्षद जनसंघी नेता
वर्ष भाजपा जीती कांग्रेस जीती
2015 21 12
2010 8 24
2005 13 16