अजमेर. जिला प्रमुख पद पर सांवर लाल जाट की उम्मीदवार अनिता बैरवा और वासुदेव देवनानी की पसंद वंदना नोगिया की लड़ाई में भंवर सिंह पलाड़ा गुट की उम्मीदवार किरण जेदिया की लॉटरी लग सकती थी। भाजपा प्रदेश नेतृत्व लगभग तय कर चुका था कि दोनों की बजाय किसी तीसरे को टिकट दे दिया जाए। तीसरी उम्मीदवार किरण ही थी, जिसने नामांकन भरा था। पार्टी किसी नतीजे पर पहुंचती उससे पहले ही किरण जेदिया नामांकन वापस ले चुकी थी।
दरअसल, दोनों गुटों में जबरदस्त खींचतान चल रही थी। दोनों ही गुट अपने-अपने उम्मीदवार की पैरवी में जुटे हुए थे। कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। अनिता बैरवा के निर्दलीय के रूप में भी नामांकन पेश कर दिए जाने के बाद पार्टी में बगावत की पूरी संभावना थी। यही कारण था कि पार्टी नेतृत्व दोनों की बजाय किसी तीसरे नाम पर विचार करने लगा। दोनों ही गुट चाहते थे कि उनके प्रत्याशी को टिकट नहीं मिले तो दूसरे गुट के प्रत्याशी को भी नहीं मिलना चाहिए।
भले ही पार्टी किसी तीसरे को उम्मीदवार बना दे। किरण जेदिया के नाम पर चर्चा शुरू हो गई। इस बीच पार्टी नेतृत्व ने भंवर सिंह पलाड़ा पर भी दबाव बना रखा था कि वे अपनी उम्मीदवार किरण जेदिया का नामांकन वापस करवाएं। पलाड़ा के कहने पर किरण ने 11.35 बजे ही नामांकन वापस ले लिया। वो इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ थी कि दोे की लड़ाई में तीसरे के फायदे वाली कहावत उस पर चरितार्थ हो सकती है। पता होता तो वो अंतिम समय तक नाम वापसी के लिए रुकी रहतीं। सूत्रों की मानें तो पलाड़ा ने बाद में जेदिया को उलाहना भी दिया कि नाम वापसी में जल्दबाजी क्यों की?
परिचय
नाम-वंदनानोगिया
जीतीं-जिलापरिषद के वार्ड 32 से
शिक्षा-मदस विश्वविद्यालय में एमएससी फाइनल इयर की छात्रा
जन्मतिथि- 20.02.1992
पिता-किरण प्रकाश नोगिया एडवोकेट
माता- इंद्रा देवी नोगिया- ग्रोसन पब्लिक स्कूल का संचालन
दादा-सूर्य प्रकाश नोगिया पूर्व पार्षद जनसंघी नेता
चुनाव लड़ना सबका अधिकार
चुनाव लड़ना एवं टिकट मांगना सबका अधिकार है। जिन आवेदकों ने पार्टी से टिकट मांगा था, उन्होंने टिकट घोषित नहीं होने तक आवेदन पत्र दाखिल किए। जैसे ही सिंबल घोषित हुआ तो इन्होंने नाम वापस ले लिए। इसमें बगावत जैसी कोई बात नहीं है। पार्टी एकजुट और एकमत है।\\' -सांवरलाल जाट, केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री
स्वेच्छा से नाम वापस
जिला प्रमुख के लिए वंदना नोगिया को टिकट देना पार्टी प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी एवं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का निर्णय था। उम्मीदवारी की घोषणा हाेने के बाद फार्म भरने वालों ने स्वेच्छा से नाम वापस ले लिए थे। -वासुदेवदेवनानी, पंचायत चुनाव प्रभारी एवं जिला प्रभारी मंत्री
भाजपा संगठन ने बगावत से बचने के लिए किरण को सिंबल देने का मानस बनाया तो पलाड़ा हरकत में गए। उन्होंने ओम प्रकाश जेदिया काे
मोबाइल पर इशारा किया। इस पर जेदिया ने 11.45 बजे पत्नी किरण को नामांकन पत्र वापस लेने के लिए कलेक्टर के पास भेजा। परिषद सदस्य मुकेश कंवर को अपने साथ ले जाकर किरण बोली, मैडम उन्होंने जो नाम वापस लेने का आवेदन दिया है वह वापस दे दो। मुझे ध्यान नहीं था। उप जिला निर्वाचन अधिकारी
किशोर कुमार बोले, पहले ही पूछा था ना मैडम कि आवेदन वापस लेने के लिए कोई दबाव तो नहीं है।
आरएएस अधिकारी भगवत सिंह राठौड़ ने कहा, मैडम अब तो ट्रेन छूट गई है कुछ नहीं हो सकता। किरण ने मायूसी के साथ कलेक्टर से कहा, मैडम कोशिश करो ना आवेदन वापस दिलवा दो। इस पर भगवत सिंह राठौड़ ने धारा 7 बी पढ़ाते हुए कहा कि एक बार नामांकन वापस ले लेने पर दुबारा उसे वापस नहीं लिया जा सकता। आखिर मायूस होकर किरण वापस लौट गई।
उप जिला प्रमुख का चुनाव रविवार को होगा। नेताओं ने भाजपा जिला परिषद सदस्यों की बाड़ेबंदी करते हुए पुष्कर ले गए। सुबह 11 बजे नामांकन एवं 11.30 बजे तक जांच होगी। दोपहर 1 बजे नाम वापस लिए जा सकेंगे। यदि एक से अधिक नामांकन आते हैं तो अपरान्ह 3 से 5 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद मतगणना होगी।
जिला प्रमुख ने शपथ के तुरंत बाद पत्रकारों से कहा कि गांवों का विकास उनकी प्राथमिकता रहेगी। वे सड़क-पानी बिजली के साथ ही गांवों की अन्य समस्याओं का समाधान करेंगी। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की योजनाओं के कारण ही जिला प्रमुख पद तक पहुंची हैं। उन्होंने सबको साथ लेकर चलने का वादा किया। बाद में जिला परिषद स्थित शिव मंदिर में ढोक लगाने के बाद वह सीधे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मातृ मंदिर पहुंची। वहां से जुलूस के रूप में अपने कंचन नगर स्थित अपने घर पहुंची।