अजमेर. स्वयंसेवी भामाशाहों की ओर से मिलने वाली सहायता सामग्री पर पाबंदी लगाए जाने पर शनिवार को सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के पुष्कर में संचालित इकलौते वृद्ध एवं नि:शक्तजन गृह में रहने वाले वृद्धजन भड़क उठे। वृद्धों ने वृद्धाश्रम के अधीक्षक पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए घेराव किया तथा जमकर खरी-खोटी सुनाई।
दरअसल, पुष्कर की समाज सेविका ज्योति दाधीच स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए वृद्धाश्रम में काढ़ा पिलाने पहुंची। इस दौरान वृद्धों ने उन्हें आश्रम के नवनियुक्त अधीक्षक जयप्रकाश चारण पर तानाशाही करने का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा सुनाई। वृद्धों ने आरोप लगाया कि अधीक्षक चारण ने कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही भामाशाहों समाजसेवी की ओर से उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता सामग्री पर रोक लगा दी है। यही नहीं प्रत्येक शुक्रवार को अजमेर से वृद्धों के उपचार के लिए आने वाले चेरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर पाबंदी लगा दी। इस पर समाज सेविका ने नाराजगी प्रकट करते हुए अधीक्षक चारण को अजमेर से बुलाया।
अधीक्षक के आश्रम पहुंचते ही समाज सेविका दाधीच वृद्धों ने उन्हें घेर लिया और खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। वहीं नाराज वृद्धों ने अधीक्षक को आश्रम में नहीं आने देने की भी चेतावनी दी। वृद्ध सरजू रघुनाथ प्रसाद ने बताया कि अधीक्षक चारण ने कई पाबंदियां लगाने के साथ नाश्ता तक देना बंद कर दिया है। 26 जनवरी को मिलने वाली ड्रेस भी नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि दानदाताओं से आने वाली दान की हर वस्तुएं चारण स्वयं ही रखने लगे हैं।
दो वृद्धों की बिगड़ी तबीयत : समयपर दवाईयां नहीं मिलने की वजह से शनिवार को आश्रम में रहने वाले दो वृद्ध अजय चौधरी उत्तमराज की तबीयत बिगड़ गई। इस पर समाज सेविका दाधीच ने तत्काल बाजार से दवाईयां खरीद कर वृद्धों को उपलब्ध कराई।