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गैरहाजिरी पर शिक्षा विभाग का वरिष्ठ बाबू निलंबित

6 वर्ष पहले
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अजमेर। लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे शिक्षा विभाग के एक प्रभावशाली वरिष्ठ लिपिक वरेश भारद्वाज को सस्पेंड कर दिया गया है। मामला तोपदड़ा स्थित शिक्षा विभाग का है। भारद्वाज को 10 फरवरी को निलंबित किया गया। उसे सेवा नियमों के तहत चार्जशीट भी दी गई है। उसने गत दिनों अजमेर से तबादला होने के बावजूद स्थानांतरित स्थान पर कार्य ग्रहण नहीं किया था और स्वैच्छिक रूप से अनुपस्थित चल रहा था। बाबू के खिलाफ विभाग की यह कार्रवाई महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।

चार माह से था गैरहाजिर
तोपदड़ा स्थित उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) के कार्यालय में पदस्थापित वरिष्ठ लिपिक वरेश भारद्वाज का 9 अक्टूबर 2014 को माध्यमिक शिक्षा उपनिदेशक अजमेर द्वारा जारी आदेश से राजकीय माध्यमिक विद्यालय, बंथली (टोंक) तबादला किया गया था। आदेशों के मुताबिक लिपिक को तत्काल ही बंथली में कार्यग्रहण करना था, जो उसने चार माह से ज्यादा अवधि बीतने के बावजूद नहीं किया। हालांकि उसे अक्टूबर में ही कार्यालय से डाक के जरिये रिलीव किया जाना बताया जाता है। उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार वरेश को संबंधित कार्यालय के अधिकारियों ने भी संरक्षण दिए रखा।
यूं चला पता
वरेश भारद्वाज द्वारा तबादला आदेशों की पालना नहीं किए जाने का पता गत दिनों उस वक्त चला, जब शिक्षा राज्यमंत्री के कार्यालय से स्थानांतरित कार्मिकों के कार्यग्रहण नहीं करने की सूचना तलब की गई। इसी दौरान वरेश के मामले में विभागीय कार्यालय में कार्यग्रहण नहीं करने बाबत कोई रिपोर्ट नहीं पाई गई। इसके बाद हरकत में आए विभागीय अफसरों ने जिला शिक्षा अधिकारी, टोंक से संबंधित बाबू के बंथली स्कूल में कार्यग्रहण करने की रिपोर्ट मांगी। इस पर उसके द्वारा कार्यग्रहण नहीं किए जाने की जानकारी मिली।

चार्जशीट और निलंबन
मामले की जानकारी मिलते ही माध्यमिक शिक्षा उपनिदेशक सुरेशचंद्र शर्मा ने कार्यमुक्ति के बावजूद तबादले पर कार्यग्रहण नहीं करने और बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति प्राप्त किए स्वैच्छिक रूप से गैरहाजिर रहने के आरोप में 10 फरवरी को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 16 (सीसीए-16) के तहत वरेश भारद्वाज को राजस्थान सेवा नियम-1971 के नियम-86 के तहत लोकसेवक होने के बावजूद दुराचरण के आरोप में चार्जशीट देते हुए तत्काल निलंबन के आदेश जारी कर दिए।