अजमेर। जिला न्यायालय में कर्मचारी संघ के नाम से दुकान खोले जाने व अदालत परिसर के मुख्य गेट बंद रखने के विरोध में शुरू हुआ वकीलों का आंदोलन समाप्त हो गया है।
राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति सुनील अंबवानी और न्यायाधिपति अजय रस्तोगी से हुई जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व वरिष्ठ वकीलों की वार्ता व उनसे मिले आश्वासन के बाद बार की साधारण सभा ने यह निर्णय किया है। बुधवार को अदालत परिसर में तैनात भारी पुलिस जाब्ता भी हटा दिया गया और कुछ पुलिसकर्मियों को ही सुरक्षा व्यवस्था में रखा गया है। जिला न्यायालय में बुधवार से कामकाज सामान्य हो गया। बार अध्यक्ष अजय त्रिपाठी और सचिव धर्माराम चौधरी ने बताया कि मंगलवार शाम को बार के एक प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर में मुख्य न्यायाधिपति सुनील अंबवानी और न्यायाधिपति अजय रस्तोगी से भेंट कर वकीलों की समस्याओं को लेकर वार्ता की थी।
त्रिपाठी और चौधरी के अनुसार मुख्य न्यायाधिपति को कर्मचारी सहकारी संघ के नाम से खाेली गई फोटो स्टेट की दुकान व जिला न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार बंद किए जाने के बारे में जानकारी दी गई। बार पदाधिकारियों ने बताया कि न्यायाधिपति अंबवानी ने वकीलों की मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए जायज मांगों को शीघ्र माने जाने का आश्वासन दिया। वकीलों के खिलाफ दर्ज मुकदमों में भी सकारात्मक रुख अपनाने की बात कही गई है। मुख्य न्यायाधिपति से हुई वार्ता का ब्योरा बुधवार को बार की साधारण सभा में रखकर वकीलों को इससे अवगत कराया गया।
वकीलों ने सर्वसम्मति से निर्णय किया कि आंदोलन समाप्त कर न्यायिक कार्य सुचारू किया जाए। जयपुर गए शिष्टमंडल में अजय त्रिपाठी और धर्माराम चौधरी के साथ ही पूर्व अध्यक्ष देवकीनंदन शर्मा, बसंत विजयवर्गीय, जेएस राणा, आदि शामिल थे। गौरतलब है कि फोटो स्टेट और अदालत परिसर के मुख्य द्वार बंद किए जाने को लेकर वकील आंदोलन कर रहे थे।