उदयपुर. राजस्व मंडल में मुकदमों की सुनवाई के लिए सदस्यों के नामों की घोषणा एक दिन पहले करने की व्यवस्था को मंडल प्रशासन ने बदल दिया है। अब सुनवाई के दिन ही अदालत लगने के ऐनवक्त पर यह घोषणा की जा रही है कि अमुक बैंच में अमुक सदस्य है। यह व्यवस्था वकीलों को रास नहीं रही है। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहनपाल सिंह की अगुवाई में वकील इस मुद्दे को लेकर बुधवार को मंडल अध्यक्ष नीलिमा जौहरी से वार्ता करेंगे।
राजस्व मंडल में कुछ समय पहले तक यह व्यवस्था थी कि वाद सूची जारी होने मुकदमे की सुनवाई के एक दिन पहले ही यह तय हो जाता था कि अमुक मुकदमे की, अमुक बैंच में अमुक सदस्य द्वारा सुनवाई की जाएगी। यानी दैनिक वाद सूची पर एक दिन पहले ही बैंच वार सदस्यों के नाम तय कर दिए जाते थे।
मंडल में पांच से अधिक सिंगल बैंच के अलावा तीन डिवीजन बैंच गठित किए जाने का प्रावधान है जो मुकदमों की सुनवाई करती है। नई व्यवस्था को वकीलों ने अव्यवहारिक बताते हुए रजिस्ट्रार के समक्ष आपत्ति जाहिर की थी, लेकिन रजिस्ट्रार स्नेहलता पंवार ने बताया कि मंडल अध्यक्ष के स्तर पर यह निर्णय किया गया है।
राजस्व मंडल प्रशासन ने कई दिन पहले ही यह व्यवस्था क्रियान्वित कर दी थी, लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते किसी ने ध्यान नहीं दिया। सोमवार को हड़ताल समाप्त होने के बाद वकीलों ने इस मुद्दे पर सुध ली। मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे तक वकीलों को यह पता नहीं चला कि किस बैंच में कौनसा सदस्य बैठेगा। इसी के चलते असमंजस की स्थिति बनी रही और हालात यह हुए कि सदस्यों ने करीब 12 बजे सुनवाई शुरू की क्योंकि बैचों में नाम तय होने के बाद ही फाइलें पहुंच पाईं।
राजस्व मंडल में मुकदमों की सुनवाई में भ्रष्टाचार को लेकर मंडल अध्यक्ष से लेकर सदस्यों तक आरोप लगते रहे हैं। यही वजह है कि कई व्यवस्थाओं पर प्रश्न भी उठे हैं। इसमें फैसलों को आरक्षित रखने अचानक से फैसला सुनाए जाने फैसले की तारीख की घोषणा नहीं करना भी शामिल है। चर्चा है कि इसी तरह एक दिन पहले सदस्यों के नामों का खुलासा हो जाने से प्रकरण की सुनवाई उस सदस्य विशेष द्वारा किए जाने की स्थिति में भ्रष्टाचार की आशंका रहती है।