अजमेर. रोडवेज के अजमेर आगार की 3 बसें कंडम होने के बाद भी हाइवे पर दौड़ रही हैं। यह बसें कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। ब्रेक डाउन हो सकती है। इन्हें रूटों पर नियमित चलाया जा रहा है। यात्रियों के लिए भी ये परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
अजमेर आगार में दो बसें आरजे 01 पीए 538 और 539 तय नियमों एवं मापदंडों के मुताबिक 1 मई 2014 को ही कंडम होने के दायरे में चुकी हैं। जबकि एक और बस संख्या आरजे 01 पीए 545 के कंडम होने की तारीख 3 मई 2014 थी। मगर इन बसों को अब तक कंडम नहीं किया गया। बसों की कमी और शिड्यूल पूरा करने की मजबूरी में इन बसों को मौजूदा समय में अजमेर-मकराना-बोरावड़ मार्ग पर चलाया जा रहा है। इन बसों में पैसेंजर सीटों की हालत खस्ता है, बाॅडी भी गल चुकी है।
इन रूटों पर बसें बंद
बसों की कमी के कारण अजमेर आगार ने अजमेर-डिग्गी, अजमेर-महावीरजी, पुष्कर-बोरावड़ समेत अन्य मार्गों की बसों को बंद कर दिया। उल्लेखनीय है कि अजमेर-महावीरजी बस सालों से अजमेर आगार संचालित कर रहा था। जैन समाज के लोगों के लिए महावीरजी की यात्रा के लिए यह बस उपयोगी थी।
टारगेट 33 हजार किमी का
अजमेर आगार को प्रतिदिन 86 शिड्यूल में 33 हजार किमी का संचालन किए जाने का लक्ष्य आवंटित है। मौजूदा समय में 81 बसें, 5 ग्रामीण बसें हैं। करीब 10 बसों की कमी आगार में चल रही है।
दिसंबर में 4 बसें कंडम
अजमेर आगार की स्टार लाइन बसें दिसंबर 2014 में कंडम हो जाएंगी। 1 दिसंबर 14 को स्टार लाइन आरजे 01 पीए 648, 649, 19 दिसंबर को आरजे 01 पीए 654 और 655 कंडम होने के दायरे को छू जाएगी। रोडवेज 8 साल या 8 लाख किमी बसों का संचालन के बाद उन्हें कंडम घोषित कर देती है।
बसों की कमी है। पूरे प्रयासों के साथ शिड्यूल पूरे किए जा रहे हैं। जो बसें 8 लाख किमी चल चुकी हैं, उन्हें फिलहाल मरम्मत कर संचालित किया जा रहा है। नई बसों के आने पर इन्हें कंडम किया जा सकेगा। मार्गों पर जाने के पहले इन्हें जांचा जाता है।\\' -केएलदेवनानी, एमओअजमेर आगार