अजमेर. विशेष अदालत ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पकड़े गए बांग्लादेश के शाकिरा जिला स्थित मुंशी पाड़ा निवासी मोहम्मद रबीउल इस्लाम शेख को विदेश अधिनियम के तहत दो साल कठोर कैद की सजा दी है। शेख को मादक पदार्थ तस्करी के आरोप साबित नहीं होने की वजह से एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत आरोप से दोषमुक्त कर दिया है।
मामले के अनुसार मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 11 सितंबर 2012 को दरगाह क्षेत्र में अकबरी मस्जिद के पास रबीउल को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से पुलिस ने 1 किलो 900 ग्राम गांजा बरामद किया। रबीउल से पूछताछ पर उसके बांग्लादेशी होने का पता चला। रबीउल अवैध रूप से भारत में आया था उसके पास पासपोर्ट वीजा नहीं था। पुलिस ने उसके खिलाफ मादक पदार्थ रखने के आरोप में एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। वहीं अवैध रूप से भारत में रहने पर विदेशी अधिनियम के आरोप में चार्जशीट पेश की गई।
एनडीपीएस एक्ट के तहत रबीउल पुलिस की लापरवाही से बरी हो गया। अदालत के समक्ष आरोपी के वकील सत्यकिशोर सक्सेना और आशीष सक्सेना ने दलील दी कि एनडीपीएस एक्ट के आज्ञापक प्रावधानों की पालना नहीं की गई। धारा 50 के तहत मुल्जिम को तलाशी के संबंध में सूचना देते हुए अधिकार दिया जाता है कि वह मजिस्ट्रेट के समक्ष तलाशी चाहता है या फिर गजेटेड अफसर के समक्ष तलाशी करवाना चाहता है।
रबीउल को हिंदी में नोटिस दिया गया जबकि वह हिंदी जानता नहीं था। इस तरह पुलिस ने कानूनी प्रावधान की पालना नहीं की है। इस आधार पर अदालत ने रबीउल को एनडीपीएस एक्ट के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। वहीं दूसरी ओर अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक अजय वर्मा की दलील थी कि विदेशी अधिनियम के तहत आरोप सिद्ध है क्योंकि आरोपी ने खुद माना कि वह अवैध रूप से भारत आया है। इस पर कोर्ट ने रबीउल को विदेशी अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।