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चरागाह में अतिक्रमण ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामबड़गांव में लम्बे समय से गौ चरागाह भूमि पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। लोगों ने बताया कि अतिक्रमण को हटाने के लिए पूर्व में इसकी सूचना जिला कलेक्टर को दी थी, लेकिन करीब एक वर्ष तक कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण गांव में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण बढ़ गया।
तहसीलदार सुरेंद्र सिंह खंगारोत ने रविवार को अतिक्रमण हटाने के लिए बड़गांव के पटवारी को निर्देश दिया। रविवार सुबह पटवारी रामप्रसाद जोशी ग्रामीण जेसीबी के साथ चरागाह में अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे। यहां से करीब सौ बीघा गौ चरागाह भूमि को जेसीबी से अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। ग्रामीण बद्री प्रसाद मेघवंशी के साथ करीब बीस लोगों ने बताया कि जब पूर्व सरपंच वंशप्रदीप सिंह राठौड़ की जमीन की चरागाह भूमि में सीमाज्ञान का नंबर आते ही, पूर्व सरपंच राठौड़ और पटवारी रामप्रसाद जोशी ने एक राय होकर अतिक्रमण को हटाना बंद कर दिया। यहां करीब आधे घंटे तक पटवारी पूर्व सरपंच राठौड़ के बीच काना फुंसी हुई। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश उत्पन्न है और उन्होंने इसका विरोध भी किया। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को अजमेर कलेक्ट्रेट में इस मामले को लेकर 100 लोग धरना देंगे। रविवार को सत्यनारायण दरोगा, सूरज करण बैरवा, लाला पिनारा, गोपाल दरोगा, संपत दरोगा, लादू खटीक, भादू खटीक के द्वारा माटया राणी गौ चरागाह भूमि पर कर रखे अतिक्रमण को पटवारी ग्रामीणों ने हटाया। वहीं बड़गांव में रविवार को अतिक्रमण हटाने के बाद भी करीब 300 बीघा चरागाह भूमि पर अतिक्रमण है।
वहीं बालापुरा में करीब दो सौ बीघा में अतिक्रमण, गुढ़ा खुर्द में 150 बीघा, नागोला में 200 बीघा से ज्यादा अतिक्रमण, नांदसी में 150 बीघा, देवलिया में 100 बीघा, कैरोट में 150 बीघा चरागाह भूमि पर अतिक्रमण है।
^चुनावरहे हैं, इसलिए गांव वालों को कुछ मुद्दा चाहिए। इस लिए हंगामा कर दिया था। गांवों वालों को साढ़े 31 बीघा जमीन की तो पहले ही पता था। ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच की जमीन को नापने के मामले को लेकर हंगामा हो रहा था। इसलिए मैंने अतिक्रमण हटाना बंद कर दिया। रामप्रसादजोशी, पटवारी,बड़गांव।