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कार्डियोथोरेसिक यूनिट : लोकार्पण 2 दिन बाद, इलाज के लिए 25 दिन का इंतजार

7 वर्ष पहले
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मरीजों को इंतजार, कब शुरू होंगे बाइपास ऑपरेशन

हालात

इसलिए हो रही देरी

दो साल पहले ही शुरू हो सकती थी यूनिट

सवाल : यूनिट काे शुरू करने के लिए नर्सिंग स्टाफ नहीं है?

अर्जेंटटैम्परेरी बेसिस पर नर्सिंग कर्मियों की भर्ती की जा रही है। जितनी आवश्यकता होगी, पर्याप्त स्टाफ दिया जाएगा।

सवाल :लोकार्पण की जल्दी क्या है?

कार्डियोथोरेसिकयूनिट तैयार है। पीपीपी मोड पर काम शुरू किया जा रहा है। जिस प्रकार निर्देश मिले हैं, उनकी पालना हो रही है।

सवाल : क्या 15 दिसंबर से ऑपरेशन संभव होगा?

मुख्यमंत्री15 दिसंबर को इसका लोकार्पण करेंगी। करीब 15 से 20 दिन लग जाएंगे यूनिट काे शुरू करने में।

अशोक चौधरी जेएलएन मेडिकल काॅलेज प्राचार्य

मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से बातचीत

जेएलएन अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में हर माह 175 मरीजों की एंजियोग्राफी होती है। इनमें से बाइपास के लगभग 50 मामले आते हैं, जिन्हें बाइपास ऑपरेशन की आवश्यकता होती है। अब तक कार्डियक सर्जन नहीं होने पर मरीजों को बाहर ही जाना पड़ता था। इस वजह से मरीज पर भी अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता था। नई यूनिट शुरू होने के बाद बाइपास ऑपरेशन यहां संभव हो सकेंगे।

कार्डियोथोरेसिक यूनिट के लिए लगभग 36 नर्सिंग कर्मियों (प्रथम श्रेणी-द्वितीय श्रेणी) की आवश्यकता है, फिलहाल स्टाफ नहीं है। जेएलएन मेडिकल कॉलेज से डिमांड की गई है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में समय लग सकता है।

पीपीपी मोड पर यूनिट की जिम्मेदारी जयपुर के डॉ. सेपावाला को सौंपी गई है। बाहर से आने वाले कार्डिक सर्जन को अपनी व्यवस्था बनाने में भी समय लगेगा। लोकार्पण के बाद ही उन्हें यूनिट संभलाई जाएगी।

कार्डियोलॉजी वार्ड में चल रही तैयारी।

किसी भी यूनिट के ऑपरेशन थियेटर को शुरू करने से पहले उसका फ्यूमिगेशन किया जाता है। इसके बाद कल्चर लेते हैं। इसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही ओटी में ऑपरेशन संभव हो पाता है। नए ऑपरेशन थियेटर को शुरू करने से पहले तीन से चार बार कल्चर रिपोर्ट ली जाती है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में 20 से 25 दिन लग सकते हैं।

जेएलएन अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक यूनिट दो साल पहले ही बनकर तैयार हो चुकी थी। वर्ष 2009 में ही यहां के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद कर ली गई थी। तभी 10-10 पलंग के दो नए वार्ड बनकर तैयार हो गए थे। साथ ही 6 पलंग का आईसीयू व