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8वीं के छात्र नहीं लिख सके अंग्रेजी में नाम
समय परिवर्तन की मांग को लेकर स्कूल पर लगाए ताले
प्राइमरीऔर मिडिल सेटअप में अब तक कमजोर शैक्षिक स्तर की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन शिक्षा संबलन में राजकीय माध्यमिक विद्यालय माकड़वाली के आठवीं कक्षा के पांच छात्र अंग्रेजी में खुद का नाम तक नहीं लिख पाए। जिला रसद अधिकारी सुरेश सिंधी ने इस स्कूल की जांच की और वे यह देखकर अवाक रह गए कि बच्चे खुद का नाम नहीं लिख पाए। इतना ही नहीं सांदोलिया, अरांई की माध्यमिक विद्यालय में बच्चे हिंदी तक नहीं पढ़ पाए। राजकीय प्राथमिक विद्यालय कालीपाल में एक भी विद्यार्थी अंग्रेजी नहीं पढ़ पाया और कक्षा तीन के विद्यार्थी अंकों की पहचान तक नहीं कर पाए। जिले में मंगलवार को 115 स्कूलों का निरीक्षण हुआ है। इनमें 33 प्राथमिक, 55 उच्च प्राथमिक, 24 माध्यमिक उच्च माध्यमिक और 3 केजीबीवी स्कूल हैं। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों का शैक्षणिक स्तर औसत रहा। एक भी स्कूल ऐसा नहीं था जिसका शैक्षणिक स्तर उच्च हो। बुधवार को विभिन्न स्कूलों का निरीक्षण होगा।
जिला रसद अधिकारी सुरेश सिंधी ने राजकीय माध्यमिक विद्यालय माकड़वाली स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आठवीं कक्षा के छात्रों से अंग्रेजी में नाम लिखने को कहा। विद्यार्थी अपना ही नाम अंग्रेजी में नहीं लिख पाए। गणित में भी छात्र कमजोर मिले। उन्हें 19 का पहाड़ा याद नहीं था। एडीएम-2 वाईएन श्रीवास्तव ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रातीडांग का निरीक्षण किया। जिसमें शिक्षा का स्तर औसत ही रहा। यहां पर स्टाफ की कमी रही। विकास अधिकारी सीमा कौशल ने अरांई के सांदोलिया ग्राम पंचायत की राजकीय माध्यमिक विद्यालय की जांच की। यहां पर विभिन्न कक्षा के बच्चों को हिन्दी अंग्रेजी की किताब पढ़वाकर देखा मगर बच्चे सही नहीं पढ़ पाए। उपखंड अधिकारी सुखराम खोखर ने किशनगढ़ के शिवाजी नगर स्थित राजकीय प्रवेशिका संस्कृत स्कूल का निरीक्षण किया। जहां पर शिक्षा का स्तर निम्न था।
दोचरण और होंगे
सर्वशिक्षा अभियान के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक महावीर सिंह राठौड़ ने बताया कि शिक्षा संबलन कार्यक्रम तीन चरणों में किया जा रहा है। पहला चरण 24 सितंबर तक है। दूसरा चरण दिसंबर माह में होगा। तीसरा चरण फरवरी-मार्च-2015 में होगा। इस अभियान का उद्देश्य शिक्षा के स्तर को सुधारना है। जो कमियां हैं उन्हें पूरा करते हुए बच्चो