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बदलते माहौल में पारिवारिक मूल्य भूल रही है युवा पीढ़ी

7 वर्ष पहले
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अजमेर। राजकीयमहाविद्यालय अजमेर के युवा विकास केंद्र एवं इंडियन लेडीज क्लब अजमेर की ओर से आयोजित सेमिनार में बदलते वक्त के साथ परंपरागत संस्कारों के प्रति बढ़ती बेपरवाही पर चिंता व्यक्त की गई।

\\\"युवा एवं पारिवारिक मूल्य\\\' विषय पर आयोजित इस सेमिनार में उपाचार्य डॉ. कल्पना गौड़ ने स्वागत भाषण दिया। इंडियन लेडीज क्लब की संयोजक ज्योति चांदवानी ने कहा कि बदले हुए माहौल में युवा पीढ़ी पारिवारिक मूल्य भूल रही है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त जज अशोक कपूर एसएमएस हॉस्पिटल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. परमजीत सिंह दिल्ली की मनोवैज्ञानिक डॉ. अमृता सिंह थे।

डॉ. अमृता सिंह ने तलाक के कारण प्रभाव संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पति-प|ी में आपस में बातचीत होना तलाक की वजह बन रही है। कार्यक्रम में इंडियन लेडीज क्लब अजमेर की अध्यक्ष प्रीति तोषनीवाल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में युवा विकास केंद्र के प्रभारी डॉ. एसके उपाध्याय एवं सदस्य, महाविद्यालय के संकाय सदस्य एवं इंडियन लेडीज क्लब अजमेर के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे। कॉर्डिनेटर ज्योति चांदवानी थी। कार्यक्रम संचालन डॉ. रीना व्यास क्लब सचिव रश्मि भूरानी ने किया।

दहेज की वजह से बिगड़े रिश्ते : मुख्यवक्ता कपूर ने कहा कि पारिवारिक रिश्तों में कड़वाहट का प्रमुख कारण दहेज है। पति-प|ी के रिश्तों में तलाक की समस्या आम बन गई। इस स्थिति के लिए सगे-संबंधियों का नकारात्मक रवैया भी जिम्मेदार है। कुछ स्थितियों में महिलाओं का कामकाजी होना भी एक वजह है। डॉ. परमजीत सिंह ने संस्कृति मूल्यों की परिभाषा बताते हुए कहा कि वर्तमान में बच्चों के व्यवहार में प्रतियोगिता एवं तनाव के कारण परिवर्तन रहा है। भारतीय पारिवारिक व्यवस्था के मूल्यों के माध्यम से पति-प|ी के संबंधों तथा बच्चों का व्यवहार सुधारा जा सकता है।

\\\"युवा एवं पारिवारिक मूल्य\\\' विषय पर आयोजित कार्यशाला में अितथि।