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सरकारी एंबुलेंस खराब िनजी की लेनी पड़ी मदद
नलू| चिकित्सामहकमे की लचर व्यवस्था का गुरुवार को अजमेर जिला कलेक्टर को भी सामना करना पड़ा जब जवाहरलाल नेहरु अस्पताल की ट्रोमा सेंटर के लिए आई एंबुलेंस डॉ. आरुषि मलिक के बीमार पिता को जयपुर नहीं ले जा पाई। अजमेर से रवाना होकर एंबुलेंस बांदरसिंदरी गांव के पास खराब हो गई। आखिर मित्तल अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाकर उनके पिता को जयपुर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान खुद कलेक्टर भी साथ मौजूद थीं।
बांदरसिंदरी पुलिस के अनुसार गुरुवार को कलेक्टर आरुषि मलिक के पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अजमेर से एंबुलेंस से जयपुर ले जा रहे थे। दोपहर 2 बजे के आसपास बांदरसिंदरी गांव के निकट एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई। मौके पर उपखंड अधिकारी अशोक कुमार, बांदरसिंदरी थाना पुलिस पहुंच गई। तत्काल मित्तल अस्पताल अजमेर से एंबुलेंस बुलवाई गई और कलेक्टर के पिता को जयपुर के लिए रवाना किया गया।
खराबहो इसलिए चलाई
जवाहरलालनेहरू अस्पताल के ट्रोमा सेंटर के लिए खरीदी गई यह एंबुलेंस फिलहाल नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं को लाने- ले जाने के काम रही है। इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीसी वर्मा से बताया कि खड़े-खड़े एंबुलेंस खराब नहीं हो जाए इसके लिए नर्सिंग छात्राओं के उपयोग में रही है। उल्लेखनीय है कि करीब 22 लाख रुपए की एंबुलेंस ट्रोमा सेंटर के वर्षों पहले ही गई थी। अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त एंबुलेंस अब तक एक भी मरीज के काम नहीं आई है।
नलू- बांदरसिंदरी गांव के पास खराब हुई एंबुलेंस।