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सांवर लाल नहीं बनवा सके अनिता काे जिला प्रमुख

6 वर्ष पहले
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अजमेरजिला परिषद के जिला प्रमुख पद पर केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री और अजमेर के दिग्गज नेता सांवर लाल जाट को अपना प्रत्याशी काबिज कराने में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। शिक्षा राज्य मंत्री और पंचायत चुनावों के अजमेर प्रभारी वासुदेव देवनानी अपने गुट की और संघनिष्ठ उम्मीदवार वंदना नोगिया को काबिज कराने में कामयाब रहे। हालांकि वंदना नोगिया निर्विरोध निर्वाचित हुई। कांग्रेस के पास प्रत्याशी तक नहीं था बावजूद इसके भाजपा में जिला प्रमुख पद को लेकर जबरदस्त गुटबाजी चली। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी की 6 में से एससी की 5 उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल करने जा पहुंची। भाजपा की अनिता बैरवा ने भाजपा के अलावा निर्दलीय की हैसियत से नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। पार्टी में बगावत देखते हुए प्रदेश नेतृत्व को दखल देना पड़ा तब कहीं जाकर स्थिति काबू में आई। जिला परिषद के 32 वार्ड हैं। इनमें 5 वार्ड एससी के लिए आरक्षित थे। जिला प्रमुख का पद इस बार एससी महिला के लिए आरक्षित था। भाजपा की एससी वर्ग से 6 महिला उम्मीदवार जीतकर आईं। इनमें वार्ड 31 से डॉ. अनिता बैरवा जल संसाधन मंत्री सांवर लाल जाट गुट की, वार्ड 32 से वंदना नोगिया देवनानी गुट की और वार्ड 12 से किरण जेदिया भंवर सिंह पलाड़ा गुट की हैं। ये तीनों ही अपने-अपने प्रत्याशी को जिला प्रमुख बनवाना चाहते थे। इसके लिए जबरदस्त राजनीति चलीं और गुटबाजी भी हुई।

बाड़ेबंदी में थी कैसे आती

वार्डसंख्या 30 से चुनाव जीती सरोज देवी नामांकन पत्र भरने का समय निकल जाने के बाद 11.20 बजे जिला परिषद पहुंची। नामांकन पत्र लेना तो दूर उन्हें पुलिस ने हॉल में नहीं जाने दिया। लौटने पर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया, बाड़ेबंदी में कैद थी इस कारण फार्म भरने समय पर नहीं पहुंच पाई। वहां से कोई निकलने दे तो ही तो वह आकर फार्म भर पाती। नव निर्वाचित जिला प्रमुख वंदना नोगिया ने अपने हस्ताक्षर अंग्रेजी में किए। जन्मदिनसे पहले तोहफा : जिलाप्रमुख वंदना नोगिया का जन्मदिन 20 फरवरी को है। इस दिन वे 23 साल की हो जाएंगी। जन्म दिन दिन से पहले ही उसे गांव की सरकार का मुखिया बनने का तोहफा मिला है। प्रशासन ने चुनाव के लिए माकूल बंदोबस्त किए।

सुबह 10.15 बजे : सांवरलाल जाट गुट के कृष्ण गोपाल जोशी और एडवोकेट महेंद्र चौधरी जिला परिषद पहुंचे और एक-एक नामांकन पत्र लिया। महेंद्र चौधरी जिला परिषद में प्रवेश करते समय मोबाइल पर बात कर रहे थे। बॉडी लेंग्वेज बगावती तेवर बता रही थी। वे फोन पर बोल रहे थे- अपने वोटर्स को उठाकर ले आओ। यहां यह बता दें कि भाजपा ने अपने सभी 23 विजयी प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी कर रखी थी जिनमें तीनों ही गुट के सदस्य शामिल थे। 10.25बजे : शिक्षाराज्य मंत्री वासुदेव देवनानी जिला परिषद आए। वे पोर्च तक पहुंचे, जहां एडीएम हरफूल सिंह यादव खड़े थे। उन्होंने यादव से कहा - वंदना नोगिया रही हैं। दरअसल उनका यह कहना साफ संकेत था कि जिला प्रमुख पद के लिए वंदना नोगिया ही भाजपा की अधीकृत प्रत्याशी रहेंगी। 10.30बजे : वंदनानोगिया अजमेर नगर निगम के पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत और पूर्व पार्षद रमेश सोनी के साथ जिला परिषद पहुंची। नोगिया देवनानी के साथ नामांकन भरने हॉल में गई। 10.35बजे : कृष्णगोपाल जोशी और महेंद्र चौधरी अनिता बैरवा के साथ आए और नामांकन दाखिल किए। 10.40बजे : किरणजेदिया पति ओम प्रकाश के साथ पहुंची और नामांकन दाखिल किया। 10.45बजे : देवनानीको जानकारी मिली कि डॉ. अनिता ने दो नामांकन पेश किए हैं। उन्होंने कृष्ण गोपाल जोशी से पूछा- दोनों नामांकन भाजपा से ही दाखिल किए हैं ना? जोशी ने कहा, मैंने तो भाजपा का ही नामांकन करवाया है, मैं पार्टी से बगावत नहीं कर सकता। पूर्व मेयर गहलोत ने चुटकी ली- कहीं निर्दलीय के रूप में तो नहीं भर दिया। जोशी का जवाब मिला- मुझे पता नहीं। संदेह होने पर देवनानी ने मालूमात किया। स्पष्ट हुआ कि अनिता ने एक आवेदन निर्दलीय के रूप में भी दाखिल किया है। 10.50बजे : देवनानीने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी को फोन किया और बताया कि अनिता ने निर्दलीय के रूप में भी आवेदन किया है। यहां यह बता दें कि पार्टी सिंबल देवनानी की जेब में था। वे जिस उम्मीदवार का नाम लिखकर निर्वाचन अधिकारी को सौंपते, वही पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी माना जाता। अधिकृत प्रत्याशी के अलावा जिसने भाजपा उम्मीदवार के रूप में फार्म भरा उनके आवेदन स्वतः ही खारिज हो जाते। लेकिन निर्दलीय का आवेदन यथावत बना रहता। ऐसे में यह माना जाता कि अनिता बैरवा पार्टी से बगावत कर मैदान में खड़ी हैं। यहां कांग्रेस को भी मौका मिल जाता। भाजपा में क्राॅस वोटिंग होती तो कांग्रेस सौदेबाजी कर मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेकर भाजपा के सामने बड़ी समस्या खड़ी कर सकती थी। इसका असर उप जिला प्रमुख पद के चुनाव पर भी पड़ सकता था। इसलिए देवनानी चिंतित थे। पार्टी आलाकमान भी भांप गया था कि बगावत हो सकती है। लिहाजा ताबड़तोड़ घेराबंदी शुरू हो गई। 10.55बजे : देवनानीद्वारा किए गए फोन का असर नजर आया। सांवर लाल जाट के रिश्तेदार मदन गोपाल चौधरी देहात अध्यक्ष बीपी सारस्वत, पार्टी पर्यवेक्षक संजय शर्मा, कृष्‍ण गोपाल जोशी महेंद्र चौधरी के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर आरुषि अजय मलिक के पास पहुंचे और अनिता बैरवा का निर्दलीय के रूप में भरा गया आवेदन वापस मांगा। कलेक्टर ने कहा- एक भी आवेदन वापस लेने की स्थिति अनिता के दोनों आवेदन वापस लिए मान लिए जाएंगे। टीम वापस लौट गई। दरअसल हुआ यह था कि देवनानी का फोन जाने के बाद प्रदेशाध्यक्ष ने सांवर लाल जाट से जवाब-तलब किया। सांवर लाल ने स्थिति अनुकूल नहीं पाते हुए अपने पांव पीछे खींच लेने में ही भलाई समझी। उन्होंने ही अनिता का आवेदन भरवाया था, लिहाजा वापस भी उन्होंने ही लेने के लिए भेज दिया। 11बजे : किरणजेदिया के पति ओम प्रकाश जेदिया ने देवनानी से सवाल किया- जिला परिषद गांव की सरकार होती है, जिला प्रमुख भी गांव का ही व्यक्ति होना चाहिए। शहर के व्यक्ति को टिकट क्यों मिलना चाहिए। यह बता दें कि वंदना नोगिया अजमेर शहर में स्थित अजमेर डेयरी के सामने कंचन नगर की रहने वाली है। देवनानी ने जवाब दिया- जो प्रदेशाध्यक्ष चाहेंगे, जिसे मुख्यमंत्री तय करेंगी वही प्रत्याशी होगा। मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता। 11.06बजे : वार्डनंबर 6 की सदस्य संतोष गोयल नामांकन दाखिल करने पहुंची। जिला निर्वाचन अधिकारी ने आवेदन पत्र यह कहते हुए लिया कि अब समय समाप्त हो गया है। उन्होंने फार्म पर प्राप्ति समय 11.06 अंकित कर दिया। 11.10बजे : हॉलमें जाट समर्थकों ओम प्रकाश जेदिया वे वहां मौजूद अनिता बैरवा किरण जेदिया के खाली कागज पर दस्तखत करवाए गए। 11.15बजे : देवनानी,पार्टी पर्यवेक्षक संजय शर्मा, देहात जिलाध्यक्ष बीपी सारस्वत, ओम प्रकाश जेदिया, दिनेश तोतला जिला प्रमुख के कक्ष में आकर जम गए। 11.20बजे : वार्ड30 से निर्वाचित सरोज देवी वार्ड 13 की सदस्य मुकेश कंवर के साथ नामांकन पत्र भरने पहुंची। लेकिन आवेदन भरने का समय निकल जाने के कारण पुलिसकर्मियों ने उन्हें हॉल में जाने से ही रोक दिया। 11.35बजे: जेदियाने नामांकन वापस ले लिया। दोपहर12.30 बजे : अनिताबैरवा का नाम वापस लेने के साथ ही भाजपा की वंदना नोगिया का निर्विरोध जिला प्रमुख बनना पक्का हो गया। भाजपा नेताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी से कहा- अब तो एक ही उम्मीदवार रह गया है। जिला प्रमुख की घोषणा कर दो, उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए एक बजे तक रुकने को कहा। 1बजे : जिलानिर्वाचन अधिकारी ने वंदना नोगिया के जिला प्रमुख निर्वाचित होने की घोषणा की और शपथ दिलाई। नेताओं ने नोगिया को माला पहनाकर बधाई दी।

जिला परिषद में शनिवार को शपथ ग्रहण कार्यक्रम में उपस्थित सांवरलाल जाट, वासुदेव देवनानी बीपी सारस्वत।

अनुशासित पार्टी का दम भरने वाली भाजपा की शनिवार को जिला प्रमुख के चुनाव में पोल खुल गई। 32 में से भाजपा के 23 सदस्य जीतने पर एेसा लग रहा था कि केवल एक ही नामांकन भरा जाएगा, लेकिन एससी की 6 महिला सदस्य जीती और इनमें से 5 सदस्य नामांकन भरने पहुंची। सिर्फ सामान्य महिला वार्ड से जीती एससी महिला समोक देवी ने ही नामांकन पत्र नहीं भरा। म्हांकीतो पूछ ही नी हो री है : भाजपाकी वार्ड संख्या 4 से चुनाव जीती चंद्रकांता ने बड़े मजाकिया लहजे में सबको यह कहते हुए गुदगुदाया, कांग्रेस मूं कोई एससी महिला चुनाव जीतकर नी आई, खातिर म्हांकी तो पूछ ही खत्म होगी। पर मैं तो पार्टी के साथ ही हां जिने भी सिंबल मिल जाए बीने वोट दे देवा, म्हाको तो फूल के निशान पर ही हाथ जावे, दूजा चिन्ह पर हाथ ही कोनी जावे।