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बाबू तय कर रहे हैं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नियम-कायदे
राजस्थानमाध्यमिक शिक्षा बोर्ड में कौन कौन-से नियम-कायदे रहने चाहिएं, कौन कौन-से हटाए जाने लायक हैं, यह बोर्ड के बाबू तय कर रहे हैं। राज्य कर्मचारियों के सेवा विनियम भले ही कार्मिक विभाग विशेषज्ञ आईएएस और आरएएस अफसर, कानून के जानकारों से बनवाता हाे, लेकिन राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में कर्मचारियों के सेवा विनियम बोर्ड के बाबू तय कर रहे हैं। पिछले एक महीने से बोर्ड में रोजाना बैठक हो रही है। समिति में शामिल एक पूर्व अधिकारी को लगाने पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। दरअसल राज्य सरकार चाहती है कि बोर्ड में जो भी अनावश्यक नियम कायदे हों उन्हें हटा दिया जाए या उनके स्थान पर जरूरत हो तो नया कायदा बनाया जाए। बोर्ड ने इसके लिए एक कमेटी बना दी। बोर्ड में पिछले दिनों राजस्थान सरकार के शिक्षा (ग्रुप-6) विभाग का एक पत्र पहुंचा। शासन उप सचिव की ओर से भेजे इस पत्र में निर्देश थे कि प्रचलित रूल्स एंड रेगुलेशन की सूची बनाई जाए एवं ऐसे रूल्स एवं रेगुलेशन जो वर्तमान में उपयोगी नहीं हैं, उनको निरस्त कराने की कार्रवाई की जाए।
वापस बना सकते हैं समिति
^विनियमसंशोधन के लिए गठित की गई समिति में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के प्रावधानों को दरकिनार किया गया है, तो समिति वापस बना सकते हैं। अभी मैंने फाइल देखी नहीं है। वैसे समिति में सचिव तो शामिल होना ही चाहिए। रिटायर्ड अधिकारी को इसलिए लिया गया है, वे पेंशनर सोसायटी से संबंधित हैं। मामले को दिखवा लूंगा।
-प्रो. बीएल चौधरी, अध्यक्ष,राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर
बोर्ड मेंबर्स के संयोजन में बनती रही हैं समितियां
राजस्थानमाध्यमिक शिक्षा बोर्ड में विनियम संशोधन या अन्य मामलों में कोई भी फेरबदल करने के लिए बोर्ड प्रबंध मंडल के सदस्यों के संयोजन में समितियों का गठन किया जाता रहा है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के अध्याय 8 में बोर्ड की विनियम बनाने की शक्तियां बोर्ड प्रबंध मंडल को दी गई हैं। बोर्ड इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के प्रयोजन के लिए विनियम बना सकेगा।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष भी समिति में
10जून 2010 को संपन्न हुए बोर्ड अधिवेशन की कार्य वृत्त का अध्ययन करने पर सामने आता है कि तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष द्वारा विभिन्न समितियों का गठन किया गया। इसमें परीक्षा समिति के गठन से पहले राजस्थान माध्यमिक शिक्षा अधिनियम की धारा 22(1)(ख) एवं बोर्ड विनियम 1 2 अध्याय-9 का हवाला देकर समिति गठित की गई। समिति में अध्यक्ष, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर के साथ ही तीन बोर्ड मेंबर को शामिल किया गया था। 9 सदस्यीय इस समिति में अन्य सदस्यों के रूप में चार और विशेषज्ञ सदस्यों को शामिल किया गया था। साथ ही बोर्ड सचिव को समिति का सचिव बनाया गया था। मान्यता, वित्त, मूल्यांकन, अध्यापक कल्याण कोष आदि समितियों में भी बोर्ड अध्यक्ष को ही अध्यक्ष बनाया गया। यहां तक कि चयन समिति में भी अध्यक्ष, निदेशक और बोर्ड के दो सदस्यों को शामिल किया गया। लेकिन ताजा गठित की गई समिति में बोर्ड अध्यक्ष को लिया गया है और ही स्वयं सचिव समिति में शामिल हैं।
बोर्ड ने बनाई समिति
बोर्डसचिव महेंद्र प्रकाश शर्मा ने एक 6 सदस्यीय समिति का गठन किया। इस समिति में उपसचिव, सहायक निदेशक संस्थापन, अनुभाग अधिकारी संस्थापन, सहायक प्रथम राजकुमार सोनी, मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के महामंत्री रणजीत सिंह और सेवानिवृत्त वित्त अधिकारी रामस्वरूप विजयवर्गीय को शामिल किया गया। सचिव ने कार्यालय आदेश में यह भी लिखा कि विजयवर्गीय बोर्ड सेवा में नहीं हैं। अत: उन्हें अन्य बैठकों के समान 200 रुपए सिटिंग चार्ज 90 रुपए वाहन व्यय अर्थात कुल 290 रुपए प्रतिदिन देय होंगे। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।