चुनावी झलकियां
मतगणना के दौरान कर्मचारियों को दिशा-निर्देश देते कलेक्टर।
इन गांवों ने बदली कांग्रेस की फिजा
नसीराबादविधानसभा क्षेत्र कई गांवों ने कांग्रेस की फिजा को बदल दिया। गढ़ी गुजरान पोलियान में कांग्रेस को 337 वोट मिले, वहीं भाजपा को महज 61 ही वोट मिले हैं। दौलतपुरा में 323 कांग्रेस और 42 भाजपा, पृथ्वीराज खेड़ा में 640 कांग्रेस 59 भाजपा, रायमला में में 261 कांग्रेस महज 15 वोट भाजपा, ब्रिक्च्यावास में 1950 वोट कांग्रेस 386 भाजपा, अजवा का बाडिया में 399 कांग्रेस 72 भाजपा, आशापुरा में 153 कांग्रेस 7 वोट भाजपा को मिले।
इनगांवों ने रखी भाजपा की लाज
उपचुनावमें भाजपा और कांग्रेस केे बीच कांटे का मुकाबला रहा। लेकिन कई ऐसे गांव भी थे जहां पर कांग्रेस के मुकाबले भाजपा को बढ़त मिली। आवेपुरा में जहां भाजपा को 352 वोट मिले तो कांग्रेस को 85, सवाईपुरा में 319 भाजपा और 92 भाजपा, शिवपुरा में भाजपा को 560 कांग्रेस को 187, लीड़ी में 1163 516 भाजपा, दिलवाड़ा में 761 भाजपा 176 भाजपा, मोड़ी गांव में 663 भाजपा 43 कांग्रेस हाथीपुरा में 681 भाजपा 44 मत कांग्रेस को मिले। इसी प्रकार कई ऐसे गांव हैं जहां पर ग्रामीण मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया।
हस्ताक्षर से इनकार
भाजपाप्रत्याशी सरिता गैना की ओर से मतगणना स्थल पर केजी जोशी एजेंट थे। रिकाउंटिंग के बाद चुनाव परिणाम शीट पर जोशी ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जोशी की आरओ से इस बात को लेकर बहस हो गई कि उक्त शीट पर वह अपनी टिप्पणी भी करेंगे। अंत तक जोशी रिकाउंटिंग के परिणाम से संतुष्ट नजर नहीं आए। मतगणना स्थल का माहौल खासा गरमा गया। देहात भाजपा अध्यक्ष बीपी सारस्वत के समझाने पर भी वे नहीं माने।
टूटगई भाजपा की कड़ी
अजमेरसंसदीय क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें हैं। विधानसभा चुनाव में सभी आठों सीटें भाजपा के खाते में आई थीं। नसीराबाद विधानसभा के विधायक एवं केबीनेट मंत्री सांवर लाल जाट को लोकसभा में भाजपा ने प्रत्याशी बनाया। उनके जीतने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। उपचुनाव में भाजपा अपने अजमेर संसदीय क्षेत्र की कड़ी को नहीं बचा सकी। महज आठ माह में ही कांग्रेस ने अपनी परंपरागत सीट पर पुन: कब्जा कर हथिया लिया। उल्लेखनीय है कि अजमेर उत्तर से वासुदेव देवनानी, अजमेर दक्षिण से अनिता भदेल, पुष्कर से सुरेश सिंह रावत, केकड़ी से शुत्रघ्न