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नसीराबाद विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस के रामनारायण गुर्जर की
नसीराबाद विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस के रामनारायण गुर्जर की छवि जीती और भाजपा की सरिता गैना की छवि हार गई। गुर्जर और गैना के बीच व्यवहारिक रूप से जमीन और आसमान का अंतर पूरे चुनाव पर साफ नजर आया। दोनों ही नेताओं की छवि ने हार-जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कांग्रेस ने रामनारायण गुर्जर को बहुत पहले ही टिकट दे दिया था। इस टिकट के सामने आते ही भाजपा के सामने उनके मुकाबले का प्रत्याशी घोषित करना मुश्किल हो गया। पार्टी सैद्धांतिक रूप से यह तय कर चुकी थी कि सांसदों के परिचितों को टिकट नहीं दिए जाएंगे इसलिए सांसद सांवर लाल जाट के पुत्र रामस्वरूप लांबा का पत्ता कट गया। ऐसे में लोकसभा विधानसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन करने वाले अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी पहले नंबर पर गए। लेकिन कांग्रेस की छवि होने के कारण उनका ऐनवक्त पर टिकट कट गया। पूर्व कुलपति सीबी गैना उनकी पुत्रवधु सरिता गैना लाइन में थे। उनमें से कोई भी रामनारायण गुर्जर की छवि के आसपास नहीं था। वह सहज उपलब्ध सरल स्वभाव के व्यक्ति माने जाते है। ऐसे में भाजपा ने सरिता गैना पर दांव लगाया। सरिता का नाम घोषित होने के साथ ही पार्टी में ऊपर से लेकर नीचे तक कार्यकर्ताओं ने लगभग हथियार डाल दिए। दबी जुबान में पार्टी के नेता यह कहते हुए फिर रहे थे कि यह सीट पार्टी ने कांग्रेस को परोस दी है। दरअसल सरिता गैना अजमेर की जिला प्रमुख रह चुकी हैं। उनके कार्यकाल में उनकी जो छवि जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बनी उसने पूरे चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के नेता जिस गांव में प्रचार के लिए जाते वहां सरिता गैना की जिला प्रमुख वाली छवि पीछा करते-करते पहुंच जाती। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे काे नसीराबाद आमसभा के बाद पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने यह फीड बैक भी दिया कि छवि पीछा नहीं छोड़ रही। पार्टी सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री ने फीड बेक मिलने के बाद कहा भी कि टिकट गलत देे दिया।
नसीराबाद विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस प्रत्याशी रामनारायण गुर्जर का विजयी जुलूस निकाला गया। इसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था। फोटो- अशोक बंदवाल
नसीराबाद में छवि हारी, छवि जीती