पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Ajmer
  • आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी

आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
महिलाबाल विकास विभाग ने आईसीडीएस मिशन मोड योजना के तहत 1941 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए द्वितीय किश्त के रूप में 3820.50 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। प्रथम किश्त के रूप में 4367.25 लाख रुपए की राशि पहले ही विभाग द्वारा दी जा चुकी है।

महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल ने बताया कि इस राशि का उपयोग सभी 33 जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए होगा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में किराए के भवनों में चल रहे 1385 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण मनरेगा के साथ कन्वर्जन्स करके बनाए जाएंगे, जिनकी लागत लगभग 7 लाख रुपए होगी। इसमें 5 लाख रुपए मनरेगा योजना मद से एवं 2 लाख रुपए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दिए जाएंगे। इन आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण भी करवाया जाएगा तथा पीने के पानी की व्यवस्था पंचायतीराज संस्थाओं द्वारा 14वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि से किए जाने का प्रावधान है।

विधायकोंको लिखा पत्र

प्रदेशके भवन रहित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के लिए सभी विधायकों को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के सरपंचों को प्रेरित कर भवन रहित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि आवंटन एवं पट्टा जारी कराने की कार्रवाई कराएं। आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए संबंधित क्षेत्र में 600 वर्गफीट भूमि की आवश्यकता है और कवरेज क्षेत्र में स्थित राजकीय विद्यालयों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों, पंचायत घरों, सामुदायिक भवनों के परिसर में भी आंगनबाड़ी भवन बनाए जाने के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सकती है। भदेल ने बताया कि प्रदेश में ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जो किराए के भवनों में चल रहे हैं, उन्हें सरकारी भवनों या सामुदायिक सहभागिता के आधार पर ऐसे भामाशाह जो इन आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए निशुल्क जमीन उपलब्ध कराना चाहते हैं, उनसे उपनिदेशक बाल विकास परियोजना अधिकारी संपर्क कर भूमि आवंटन की कार्रवाई करेंगे। राज्यमंत्री भदेल ने कहा कि विभागीय अधिकारी, एसडीएम तहसीलदार से समन्वय कर जल्द से जल्द इन्हें सरकारी भवनों में शिफ्ट कराने का प्रयास करें। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बुधवार को समारोह आयोजित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल ने बताया कि प्रदेश के 60163 आंगनबाड़ी केंद्रों में यह दवा पिलाने की व्यवस्था की गई है। प्रदेश की 47000 से अधिक आशा कार्यकर्ता इस कार्य में सहयोग करेंगी। आने वाले दिनों में यह कोशिश होगी कि बच्चों को यह दवा जेम्स चॉकलेट की शक्ल में दी जाए, ताकि बच्चे इसे टॉफी समझकर खा सकें।

खबरें और भी हैं...