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अवैध टेम्पो से फिर बिगड़ने लगे हैं स्टेशन रोड के हालात

5 वर्ष पहले
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924 में से 372 टेम्पो पर ही चस्पा हुए रूट स्टीकर

परिवहनविभाग 6 महीने से टेम्पो पर रूट स्टीकर लगाने का काम कर रहा है। हालांकि इसकी पहल डीटीओ प्रकाश टहलयानी ने आते ही शुरू की थी, मगर वे ही इसे पूरा करवाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आरटीओ विनाेद कुमार ने तो दावा तक किया था कि 31 जनवरी 2016 तक सभी टेम्पो पर स्टीकर लगा दिए जाएंगे। मगर हाल यह हैं कि अभी तक आधे टेम्पो पर भी स्टीकर नहीं लगाए जा सके। अजमेर में 24 रूटों पर 924 सिटी बस और टेम्पो पंजीकृत हैं। इसमें रूट नंबर 1 पर 40 में से 7, रूट नंबर 2 पर 53 में से 40, रूट नंबर 4 पर 62 में से 54, रूट नंबर 5 पर 132 में से 92 और रूट नंबर 7 पर 261 में से 179 टेम्पो पर ही रूट स्टीकर लगाए जा सके हैं।

रेलवे स्टेशन के गेट के बाहर लगा टेम्पो का जमावड़ा। इससे रोड जाम तो होता ही है, यात्री भी परेशान होते हैं।

ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर| अजमेर

रेलवेस्टेशन रोड की बमुश्किल सुधरी यातायात व्यवस्था अब वापस बिगड़ने के कगार पर गई है। कारण है परिवहन विभाग आैर यातायात पुलिस की ओर से अब पहले की तरह गंभीरता नहीं बरती जा रही। टेम्पो पर रूट टोकन ही नहीं लग पाए हैं। वहीं दूसरी ओर कड़ी कार्रवाई के बाद काबू में आए अवैध टेम्पो फिर सड़कों पर आने लगे हैं। रेलवे स्टेशन रोड जाम एवं अव्यवस्थाओं से घिरने लगा है।

जनवरी के पहले सप्ताह में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से अवैध टेम्पो पर कार्रवाई करते हुए इन्हें सीज किया था। यहां तक की 3 रूटों के मार्ग डायवर्ट करने का फैसला तक लागू करने के लिए सख्ती बरतने की शुरुआत हो चुकी थी। मगर टेम्पो यूनियन की ओर से भराेसा दिलाए जाने के बाद रूट डायवर्जन का फैसला तो टल गया। वहीं अवैध टेम्पो के संचालन को रोकने के लिए यूनियन के पदाधिकारियों, परिवहन अफसरों को भरोसा दिलाया था। मगर अब वापस हालात बिगड़ने लगे हैं। स्कूल एवं दफ्तर के समय तो हाल और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं।

रेवेन्यूके लिए हाइवे पर फोकस: कायदेके मुताबिक एक परिवहन इंस्पेक्टर की ड्यूटी अजमेर शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने एवं कमर्शियल वाहनों से टैक्स वसूलने और जांच करने की है। मगर मोटे राजस्व की वसूली के लिए परिवहन विभाग का अधिकांश फोकस हाइवे पर रहता है। नतीजतन शहर में यातायात व्यवस्था काबू के बाहर और अवैध वाहनों का बोलबाला रहता है।

^रूटस्टीकर लगाने का काम डीटीओ का है। यह अब क्यों धीमा हो गया है, इस बारे में उनसे बात की जाएगी। अब जो वाहन बिना रूट स्टीकर के संचालित होते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।’ -विनोद कुमार,आरटीओ

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