• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Ajmer
  • विवाह के लिए कन्या के गुण को देखना चाहिए : स्वामी योगीराज

विवाह के लिए कन्या के गुण को देखना चाहिए : स्वामी योगीराज

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अजमेर|कथा मर्मज्ञरामदेवरा के संत स्वामी मूल योगीराज ने कहा कि बाबा रामदेव ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास किए। अमरकोट के राजा दलपत सोढा की पुत्री नेतल के साथ विवाह कर उन्होंने कन्याओं से रूप रंग और अन्य विकृतियों वाली कन्याओं के उद्धार का संदेश दिया। नेतल दृष्टिहीन, अष्टवक्री और कुरूप थी। फिर भी बाबा रामदेव ने विवाह किया। रंग रूप को देखकर जो रिश्ता करते हैं वे नादान हैं। विवाह के लिए कन्या के गुण को देखना चाहिए।

आजाद पार्क में कथा के छठे दिन शुक्रवार को संत स्वामी मूल योगीराज ने कहा कि हवा से सुगंध मात्र में फैलती है जबकि सुकृत्यों द्वारा उपार्जित की गई कीर्ति सभी दिशाओं में फैलती है। यदि आपके यहां कोई उम्मीद लेकर आए और खाली हाथ जाए। इससे अधिक निंदनीय कार्य और कोई हो ही नहीं सकता। कथा में विशेष अतिथि महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल ने कहा कि बाबा रामदेव ने जनमानस के कल्याण के लिए अनेक विशिष्ट कार्य किए। बाबा रामदेव के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर सभी को नारी सम्मान, अछूतों के उद्धार और अन्य समाज सुधार के लिए कार्य करना चाहिए। भारती श्रीवास्तव ने कथा में सेवाएं देने अनिल विश्नोई का स्वागत किया। कथा के मध्य में साध्वी शशि गौतम ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो.., चालो विनायक आपां जोशीजी के चालां.., म्हारी हल्दी रो रंग सुरंग.. सहित अनेक भजन प्रस्तुत किए। बाबा श्री रामदेव कथा समिति के प्रमुख कार्यकर्ता सत्यनारायण भंसाली ने बताया कि शुक्रवार की कथा में बाबा रामदेवजी द्वारा दो रूप बना पुंगलगढ़ जाकर रतना राइका के बंधन खोलना, सुगनाबाई को रुणिचा लाना, बारात अमरकोट प्रस्थान, कपड़े की बिल्ली जीवित कर रूणिचा आना और सुगनाबाई के पुत्र को जीवित करना आदि के प्रसंगों का वर्णन किया।

आजाद पार्क में रामदेव कथा के दौरान आरती करते पार्षद अन्य श्रद्धालु।

खबरें और भी हैं...