दुष्कर्म केस में...

5 वर्ष पहले
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दुष्कर्म केस में...

फैसलेको लेकर सुबह से न्यायालय में बाबूलाल नागर के समर्थक पहुंचने लगे थे। दोपहर 12 बजे नागर को न्यायालय लाया गया। न्यायाधीश ने लंच के बाद फैसला सुनाने की बात कही। नागर के साथ उसके परिजन भी न्यायालय परिसर में ही मौजूद थे। दो बजे बाद एडीजे संख्या 2 की कोर्ट के सामने फैसले के इंतजार में काफी संख्या में लोग खड़े थे। ठीक तीन बजे न्यायाधीश ने जैसे ही फैसला सुनाया, समर्थक खुशी जताते हुए न्यायालय परिसर से बाहर चले गए। जमानत के दस्तावेज पेश होने तक नागर न्यायालय परिसर में ही मौजूद रहे। न्यायालय से बाहर निकलने पर समर्थकों ने उन्हें मालाएं पहनाई और शुभकामनाएं दी। सितंबर 2013 में अजमेर रोड निवासी महिला ने इस्तगासे से सोढ़ाला थाने में पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि नागर ने उसे फोन करके डेयरी का बूथ दिलाने नौैकरी दिलाने का झांसा देकर सिविल लाइन स्थित बंगले पर बुलाया। जहां जबरन दुष्कर्म किया। महिला बाबूलाल नागर को चार-पांच साल से जानती थी।

सरकारीसेवा में...

हालांकि,इससे जुड़े मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। ऐसे में एचआरए में संशोधन के आदेश इस निर्णय के अधीन होंगे। तब तक के लिए वित्त विभाग के आदेश प्रभावी रहेंगे। गौरतलब है कि हाईकोर्ट में एक पीआईएल के जरिए पति-प|ी के एक ही मुख्यालय पर पदस्थापित होने पर दोहरा मकान किराया भत्ता लेने को चुनौती दी गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने 5 दिसंबर को यह आदेश जारी किया कि एक ही मुख्यालय पर काम करने की स्थिति में पति-प|ी दोनों से किसी एक को ही मकान किराया भत्ता दिया जाएगा। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई, जिस पर 31 जुलाई को अंतिम सुनवाई होनी है।

कोयलाघोटाला...

यहपैनल बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी के साथ मिलकर लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप अधिकारियों का चुनाव होने तक कामकाज संभालेगा।

आईसीसीकी मीटिंग में बोर्ड की ओर से शामिल होंगे अमिताभ चौधरी और विक्रम लिमये : न्यायाधीशदीपक मिश्रा की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय बेंच ने फरवरी के पहले सप्ताह में होने वाली आईसीसी की मीटिंग में शामिल होने वाले अधिकारियों के नाम भी तय कर दिए हैं। इसमें बीसीसीअाई की ओर से बोर्ड के संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी और विक्रम लिमये शामिल होंगे। कोर्ट ने केंद्र की उस मांग को भी खारिज कर दिया, जिसमें खेल मंत्रालय के सचिव को पैनल का मेंबर या कम से कम ऑब्जर्वर बनाने की बात कही गई थी।

आसारामने झूठी...

बेंचने कहा कि इस बात की भी अनदेखी नहीं की जा सकती कि मामले की जांच में बेवजह देर की जा रही है। एक गवाह को आसाराम के वकील ने 104 बार अदालत बुलवाया। कई गवाहों पर हमले और दो की हत्या भी की जा चुकी है। गुजरात सरकार ने कोर्ट को दिए एक प्रार्थना पत्र में आसाराम को जमानत देने की गुजारिश की। दलील थी कि उनके खिलाफ जांच अंतिम चरण में है और इसके बाद मुकदमा तेजी से चलेगा।

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