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दिल्ली विकास प्राधिकरण की तर्ज पर बनेगा एडीए की फ्री होल्ड डीड का खाका

5 वर्ष पहले
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प्रदेशमें आठ महीने पहले लागू हुए लीज होल्ड संबंधी कानून का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण ने कवायद शुरू कर दी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण सहित देश के कई प्रदेशों में जहां फ्री होल्ड संबंधी प्रावधान के तहत संपत्तियों को लीज होल्ड से फ्री होल्ड में तब्दील किया जा रहा है, उसकी जानकारी ली जा रही है। इसके तहत फ्री होल्ड के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया और जारी होने वाली डीड का फार्मेट लिया जा रहा है।

दिल्ली विकास प्राधिकरण में कई साल पहले ही लीज होल्ड प्रोपर्टी को फ्री होल्ड में तब्दील करने और फ्री होल्ड बेस पर भूखंड आवंटन का कानून लागू हो गया था। देश के कुछ अन्य प्रदेशों में भी फ्री होल्ड संबंधी कानून लागू हैं। राजस्थान सरकार ने आठ महीने पहले राजस्थान नगर सुधार न्यास के भूमि निष्पादन नियम 1974 में संशोधन कर लीज होल्ड संपत्तियों को फ्री होल्ड में तब्दील करने का महत्वपूर्ण संशोधन जारी किया था। नए संशोधन लागू हुए इतने माह बीतने के बावजूद स्थानीय निकाय इसे लागू नहीं कर पाए। अफसरों ने जानकारी होने के बावजूद उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया और नए कानून का ठंडे बस्ते में डाले रखा। भास्कर ने कुछ दिन पहले इस मुद्दे को लेकर समाचार प्रकाशित किया और एडीए अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा ने फ्री होल्ड के नए कानून को लागू करने के लिए अफसरों को निर्देश दिए। हेड़ा ने ही नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी को जनहित से जुड़े इस कानून की जानकारी दी थी। कृपलानी भी कुछ समय पहले ही इस विभाग के नए मंत्री बने कृपलानी ने भी जनहित के इस कानून का फायदा जल्द आमजन को पहुंचाने के निर्देश जारी किए।

भास्कर ने उठाया था मुद्दा

फ्री होल्ड के यह हैं फायदे

{आपकी जो प्रोपर्टी अब तक लीज यानी किराये पर थी, उसके आप शाश्वत रूप से मालिक बन जाते हैं।

{ फ्री होल्ड होने पर स्थानीय निकाय का संपत्ति में दखल के बराबर हो जाता है।

{ आपको संपत्ति बेचने हस्तांतरण के लिए निकाय से मंजूरी की जरूरत नहीं है।

{ 99 साल बाद संपत्ति आपकी नहीं रहेगी, इस चिंता से आप मुक्त हो जाएंगे।

{ स्थानीय निकायों को इस परिवर्तन के जरिये करोड़ों रुपए की आय होगी।

यह है नया कानून

1.लीजहोल्डसे फ्री होल्ड में तब्दील करने और फ्री होल्ड बेस पर भी जमीनों के आवंटन नीलामी के लिए भूमि निष्पादन नियम 1974 में संशोधन करते हुए 13 अप्रैल 2016 को नगर सुधार न्यास, भूमि का निष्पादन, संशोधित नियम 2016 लागू किए गए।

2.नएसंशोधितनियमों के तहत पुराने नियम के नियम 3 की जगह नया नियम 3 प्रतिस्थापित किया गया है। इसमें फ्री होल्ड के लिए दरें भी तय कर दी हैं।

दिल्ली विकास प्राधिकरण की गिनती देश के सबसे बड़े स्थानीय निकाय के रूप में होती है। यहां लीज होल्ड प्रोपर्टी को फ्री होल्ड में तब्दील करने के लिए बेहतरीन व्यवस्था है। यहां तक की ऐसे कंसल्टेंट फर्म हैं जो घर बैठे सभी काम पूरे करवाते हैं और लीज होल्डर को केवल डीड रजिस्टर्ड कराने के लिए उप पंजीयक कार्यालय में जाना हाेता है। फार्म भरने से लेकर शुल्क भुगतान तक संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी हो जाती है। एडीए में भी कुछ इसी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।

लीज होल्ड प्रोपर्टी को लेकर होने वाली परेशानी और स्थानीय निकायों पर काम के बोझ को लेकर भास्कर ने तीन साल पहले समाचार प्रकाशित किया था। आमजन को किस तरह स्थानीय निकाय नीलामी में बेचान के नाम पर काफी महंगे दामों पर प्लॉट लीज पर देते हैं, जबकि वास्तविकता में निकाय प्लॉट बेचते नहीं हैं, बल्कि किराये यानी लीज पर सौंपते हैं।

कवायद

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