पुलिस को दो साल से नहीं मिल रहा एसपी ऑफिस में तैनात कांस्टेबल
पुलिसजिस व्यक्ति को चाहे कहीं से भी खोजकर ला सकती है और हवालात का रास्ता दिखा सकती है। अगर मुल्जिम सामने है और पुलिस दो साल से उसे अदालती आदेश के बावजूद गिरफ्तार नहीं कर पा रही है तो उसमें कुछ बात होगी। बता दें कि वह खास बात यह है कि मुल्जिम पुलिस विभाग का ही कांस्टेबल है और एसपी ऑफिस में तैनात है। इसी एसपी ऑफिस और इसके क्षेत्राधिकार वाले सिविल लाइंस थाने को मुल्जिम कांस्टेबल हरिलाल राठी के गिरफ्तारी वारंट कई बार भेजे जा चुके हैं और हर बार किसी किसी बहाने से लौटते रहे। आईजी के जरिए गिरफ्तारी वारंट की तामीली के लिए कोर्ट ने आदेश जारी कर दिए, लेकिन अब भी वारंट तामील नहीं हुए हैं। प्रकरण में 19 फरवरी को सुनवाई होगी।
मामले के अनुसार लोहागल रोड स्थित राजपूत कॉॅलोनी निवासी धापू कंवर ने कांस्टेबल हरिलाल राठी के खिलाफ चेक बाउंस के आरोप में इस्तगासा दायर किया था। धापू कंवर का कहना है कि उसके हरिलाल से पारिवारिक संबंध हैं। हरिलाल ने धापू कंवर से रकम उधार ली थी और इसके एवज में 56 हजार 700 रुपए का चेक दिया। धापू कंवर ने चेक बैंक ऑफ बड़ौदा में पेश किया तो हरिलाल के खाते में रकम नहीं होने सेे चेक बाउंस हो गया। धापू ने इसकी सूचना देते हुए रकम चुकाने के लिए राठी को वकील के जरिए नोटिस दिलवाया। यह नोटिस हरिलाल को मिल गया, लेकिन उसने रकम नहीं चुकाई। लिहाजा धापू ने अदालत में एनआई एक्ट के तहत चेक बाउंस के आरोप में इस्तगासा दायर कर दिया। अदालत से समन जमानती वारंट जारी हुए जो हरिलाल राठी को मिल गए, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुआ।
जांच करवाएंगे
^मुझेइस मामले की पूरी जानकारी अभी नहीं है। जांच करवाकर आगे की कार्रवाई एवं वारंट की तामील की जाएगी। -मालिनीअग्रवाल, आईजी, अजमेर रेंज
एसपी आॅफिस परिसर में मौजूद हरिलाल राठी ब्राउन शर्ट में लाल गोले में।