क्षमता से अधिक बैठाए अभ्यर्थी
प्रश्न पत्र में गड़बड़ियों से भ्रमित हुए अभ्यर्थी
राजस्थानअधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड द्वारा शनिवार को आयोजित पटवारी परीक्षा के प्रश्न पत्र में विभिन्न गलतियों के चलते अभ्यर्थी भ्रमित हुए। एक प्रश्न बिल्कुल ही गलत पूछा गया। हिंदी अंग्रेजी वर्जन में भी विसंगतियों के चलते अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र हल करने में कठिनाई हुई।
खंगारोत एंड चौहान क्लासेज के निदेशक ज्वाला प्रताप सिंह खंगारोत के मुताबिक प्रश्न पत्र में हिंदी अंग्रेजी अनुवाद दोनों में ही धोद (सीकर) को धोंड, बाल्दा (सिरोही) को वाल्टा गागरोन (झालावाड़) को गागरिन लिखा गया। इससे अभ्यर्थी भ्रमित हुए और प्रश्न का उत्तर आते हुए भी अनेक अभ्यर्थी इन सवालों को हल नहीं कर पाए। मानसिक योग्यता एवं तर्क शक्ति खंड में आगामी चित्र क्या होगा, प्रश्न में सही उत्तर चारों विकल्पों में अनुपस्थित होने से प्रतियोगी उलझे रहे।
प्रश्न संख्या 50 निम्नलिखित कथनों में से कौनसा कौनसे कथन चीरवा शिलालेख के बारे में सही है? 1 यह 1273 में संस्कृत भाषा में उत्कीर्ण है, 2 र|प्रभ सूरी इसके प्रशस्तिकार थे, 3 इसके शिल्पी देल्हण थे और 4 अग्निकुंड से उत्पन्न राजपूतों का इसमें उल्लेख है। जो उत्तर विकल्प दिए गए, उनमें कोई सही नहीं था। कारण चीरवा अभिलेख के शिल्पी केलि सिंह थे और अग्निकुंड से उत्पन्न राजपूतों का इसमें उल्लेख नहीं होने पर सही उत्तर 1 2 चारों विकल्पों में नदारद था। प्रश्न पत्र में राजस्थान कंप्यूटर विज्ञान से संबंधित प्रश्न स्तरीय थे। चूंकि प्रारंभिक परीक्षा होने के कारण सामान्य ज्ञान ओबीसी पुरुष में 45-48 प्रतिशत के बीच कट ऑफ मार्क्स रहने की संभावना है।
पटवारीअभ्यर्थियों के लिए भोजन व्यवस्था की
अखिलभारतीय श्री महर्षि गौतम शिक्षण शोध संस्थान भूणाबाय की आेर से प्रदेश के विभिन्न जिलों से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। संस्थान के अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ने बताया कि ब्राह्मण समाज के अधिकतर अभ्यर्थी जयपुर से आए थे। इन सभी के लिए भोजन नाश्ते की व्यवस्था संस्थान की ओर से की गई। इसके अलावा भी कई जगह अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था की गई।
कानून व्यवस्था आदि मेरे जिम्मे थी
^शामियानेमें परीक्षा ली गई है, यह मेरी नॉलेज में नहीं है। पटवारी परीक्षा के लिए अजमेर शहर और जिले भर में कानून व्यवस्था संबंधी आदि कार्य मेरे जिम्मे था। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण का कार्य जिला शिक्षा अधिकारी के जिम्मे था।\\\' -सुरेश सिंधी, जिला रसद अधिकारी पटवारी परीक्षा प्रभारी
वीक्षक लगाने का कार्य था
^परीक्षाकेंद्रों पर वीक्षक लगाने का कार्य शिक्षा विभाग के पास था। जिस संस्था प्रधान ने जितने वीक्षक मांगे, हमने उपलब्ध करा दिए। इस परीक्षा की तैयारियों के लेकर वीसी हुई थी, उस समय बताया गया था कि जहां फर्नीचर नहीं है, वहां क्या किया जाएगा। इस पर कहा गया था कि दरी पट्टी पर बैठा कर परीक्षा ले ली जाए। संभवतया अभ्यर्थियों को नीचे लगाने के लिए गत्ता लाने के निर्देश भी दिए गए थे। वैसे परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की संख्या में वृद्धि का आदेश जिला प्रशासन ने दिया होगा।\\\' -सुशील कुमार गहलोत, डीईओ माध्यमिक शिक्षा प्रथम अजमेर
लोहाखान क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल में शनिवार को पटवारी परीक्षा छत पर टेंट लगाकर ली गई।
पटवारी परीक्षा के बाद रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों का हुजूम उमड़ पड़ा। ट्रेन के इंतजार में प्लेटफार्म पर परीक्षार्थियों का रैला। फोटो|मुकेशपरिहार।
पटवारी परीक्षा| उत्तर आते भी अभ्यर्थी भ्रम में नहीं कर पाए सवाल, विसंगतियों से हुई कठिनाई