पटवारी परीक्षा के पेपर में छाया रहा राजस्थान
परीक्षार्थियों के लिए मुस्तैद रहे रेलवे, रोडवेज और परिवहन विभाग
पैदल चलना तक दूभर, रेंगता रहा यातायात
राजस्थानअधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड द्वारा शनिवार को आयोजित पटवारी परीक्षा में राजस्थान छाया रहा। सामान्य ज्ञान खंड में प्रदेश की कला संस्कृति इतिहास पर अनेक रोचक प्रश्न पूछे गए। राजस्थान के इतिहास से संबंधित कई ऐसे प्रश्न सामने आए, जो अभ्यर्थियों के लिए भी रोचक और ज्ञानवर्धक रहे। कई प्रश्न ऐसे भी थे, जो सामान्य ज्ञान की गाइडों में ढूंढने से भी नहीं मिले। ऐसे प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को चकराया भी और एकाध सवाल तो ऐसे भी रहे जो अभ्यर्थी हल ही नहीं कर पाए। बोर्ड ने प्रदेश के इतिहास, कला संस्कृति के साथ ही चित्रकला और मेलों को भी प्रश्नों के माध्यम से पूछ कर अभ्यर्थियों की जानकारी की परख की। अभ्यर्थियों का तर्क था कि सामान्य ज्ञान खंड में राजस्थान से संबंधित इन प्रश्नों को देख कर ही अभ्यर्थी चकरा गए। लेकिन ज्ञान की दृष्टि से ये प्रश्न काफी प्रभावशाली थे। बीरबल आमतौर पर अकबर के नौ र|ों से एक जाना जाता है, लेकिन इस पेपर में आया प्रश्न इस बीरबल से संबंधित नहीं था।
जिले में रही उपस्थिति
स्थानकुल उपस्थित अनुपस्थित प्रतिशत
अजमेर38688 28696 9992 74.17
ब्यावर 9936 6782 3154 68.26
नसीराबाद 1320 920 400 69.70
किशनगढ़ 5304 3860 1444 72.78
>राजस्थान में घुड़ला त्योहार कब मनाया जाता है?
>चिड़ावा का गांधी कौन है?
>बीरबल दिवस कब मनाया जाता है?
>किस शिलालेख में चौहानों का वत्सगाेत्र ब्राह्मण कहा गया है?
>बहुदा ग्राम (कोटा)मौखरी यूप अभिलेख प्राप्त हुए हैं?
>मारवाड़ में दामणी क्या है?
>महाराणा कुंभा द्वारा रचित ग्रंथ संगीत राज कितने कोषों में विभक्त है?
>रामा नामा, छज्जू और सेफू चित्रकला की शैली से संबंधित प्रश्न भी रोचक रहा।
>मारवाड़ पब्लिक सोसायटी ऑर्डिनेंस कब जारी किया गया।
सिटी रिपोर्टर|अजमेर
राजस्थानअधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड की ओर से शनिवार को आयोजित पटवारी परीक्षा में अजमेर जिले में 72.87 प्रतिशत अभ्यर्थी प्रविष्ट हुए। कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। परीक्षा समाप्त होने के बाद यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सड़क पर अभ्यर्थियों की भीड़ थी, तो वाहन रेंगते हुए नजर आए। यह हालात परीक्षा समाप्ति के दो घंटे बाद तक बने रहे।
प्रशासन की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 55 हजार 948 अभ्यर्थी पंजीकृत किए गए थे। जिलेभर मेंं कुल 159 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई। इनमें से 40 हजार 258 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे और 14 हजार 990 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल उपस्थित प्रतिशत 72.87 रहा। परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 5 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए। सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे। अभ्यर्थियों के स्वेटर, जाकेट, जूते-मोजे बाहर ही खुलवा दिए गए थे।
स्टेशनरोड कई बार जाम
पटवारीभर्ती परीक्षा छूटने के बाद रेलवे स्टेशन आैर रोडवेज बस स्टैंड की आेर एकाएक भीड़ बढ़ने के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई। स्टेशन रोड पर कई बार जाम के हालात बने, इससे गांधी भवन, कचहरी रोड, इंडिया मोटर सर्किल, आगरा गेट, फव्वारा चौराहा सहित आगे की रास्तों पर यातायात व्यवस्था गड़बड़ा गई। बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ट्रैफिक सीआे अदिति कांवट ने यातायात पुलिस के जवानों के साथ गांधी भवन पर मोर्चा संभाला। दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक यानी दो घंटे तक शहरवासी परेशान हुए, इसके बाद यातायात पटरी पर आया। जिला पुलिस, जीआरपी आैर रेलवे पुलिस फोर्स के प्रयासों से परीक्षार्थी ट्रेन के छतों पर नहीं बैठ पाए।
परिवहन विभाग : 46 अतिरिक्त बसों का संचालन
शहरमें 46 अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया। डीटीओ प्रकाश टहलयानी ने बताया कि 100 बसों की अतिरिक्त व्यवस्था की गई थी, जयपुर के लिए 46 बसों को रवाना किया गया। जयपुर जाने वाली बसों को तत्काल बस स्टैंड पर ही टीपी जारी की गई।
रोडवेज : 51 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की
अजमेरआगार के चीफ मैनेजर तेजकरण टांक ने बताया कि जयपुर के लिए 28, भीलवाड़ा के लिए 5, ब्यावर के 7 और सीकर के लिए 3 बसों की व्यवस्था की गई। अजयमेरु आगार के चीफ मैनेजर मोहनलाल शर्मा ने बताया कि जयपुर के लिए 4 और भीलवाड़ा के लिए 4 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई।
रेलवे : 2 स्पेशल ट्रेन और अतिरिक्त टिकट काउंटर
जयपुरऔर उदयपुर के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गई। 4 ट्रेनों में 2-2 अतिरिक्त कोच लगाए गए। 2 अतिरिक्त काउंटर टिकट के लिए लगाए गए। 7 ऑटोमेटिक टिकट मशीन पर फेसिलेटर भी लगाए गए। दोपहर 3 बजे से 4 नियमित ट्रेन भी जयपुर के लिए उपलब्ध थीं।
ट्रेन में घुसना भी मुश्किल था। ऐसे में एक महिला यात्राी को इमरजेंसी विंडो का सहारा लेना पड़ा।
बसों टेम्पो की छत पर सफर
ट्रैफिकपुलिस ने इस बार व्यवस्था में काफी फेरबदल किया, लेकिन इस सारी कवायद का नतीजा सिफर नजर आया। हुआ वो ही जो हर बार प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान देखने को मिलता है। खुलेआम परीक्षार्थी परीक्षा छूटने के बाद सिटी बसों टेम्पो की छतों पर लदकर स्टेशन और बस स्टैंड की आेर आते-जाते दिखे। शहर में इस तरह के नजारे सभी जगह देखे जा सकते थे। सीआे ट्रैफिक अदिति कांवट मय जाब्ता गांधीभवन चौराहा पर तैनात थीं, वहां उनके सामने परीक्षार्थी सिटी बसों टेम्पो की छतों पर लदकर निकले, लेकिन बावजूद इसके पुलिस परीक्षार्थियों को नीचे नहीं उतार सकी।
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कॉल ड्रॉप से शहरवासी परेशान
सुबह10.30 बजे से शाम 4 बजे तक शहर में सभी नेटवर्क प्रदाताओं ने मोबाइल टावर्स की फ्रिक्वेंसी कम कर दी। इससे कॉल ड्रॉप एकाएक बढ़ गया आैर मोबाइल उपभोक्ताओं को एक दूसरे से बातचीत करने में परेशानी पैदा हो गई। किसी को भी कॉल करने पर आवाज में व्यवधान होने लगा। कॉल कनेक्टिविटी में परेशानी होने लगी, कॉल लगते ही डिसकनेक्ट होने लगा। करीब पांच घंटे तक शहर में यही स्थिति बनी रही। कई परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगे थे, वहां आसपास के क्षेत्रों में भी नेटवर्क गड़बड़ा गया। परीक्षा के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन के आदेश पर मोबाइल टावर्स की फ्रिक्वेंसी कम की गई थी।
अंबेडकर सर्किल का नजारा। फोटो|अशोक बंदवाल