भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए समय प्रबंधन जरूरी : देवनानी
बसंतपंचमी पर आयोजित गार्गी वितरण समारोह माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सभागार में आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने छात्राओं से आह्वान किया कि स्वयं पढ़ने के साथ-साथ अपनी एक सहेली को भी जिम्मेदारी लेकर पढ़ाएं और उसे बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने में सहयोग करें। जिससे वह भी आपके साथ बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त कर सकें।
देवनानी ने कहा कि प्रतिभाओं को तराशा गया है, इसलिए वे गार्गी पुरस्कार वितरण समारोह में हिस्सा ले रही हैं। बालिकाओं को समय प्रबंधन के साथ अध्ययन करना चाहिए, प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करें। भविष्य को उज्जवल बनाने में समय प्रबंधन प्रथम प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा किताबी ज्ञान तथा संस्कारों का सम्मिलित रूप है। घर और मंदिर को स्वच्छ रखने का संस्कार अपने परिवार से मिलते है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत हमें विद्यालय को स्वच्छ रखकर शिक्षा की संपूर्णता को साकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी सबलता का उपयोग करके समाज को नई दिशा दे रही हैं। बालिकाओं को जीवंत पीसी “पर्सनल कम्प्यूटर’ बनना चाहिए। पी का अर्थ परफेक्टनेस यानी निपुणता, पेशेंस यानी धैर्य पोलाइटनैस यानी विनम्रता तथा सी का अर्थ क्रिएटिविटी यानी सृजनात्मकता, कान्फीडेंस यानी आत्मविश्वास एवं कम्यूनिकेशन यानी संचार हमें ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने बोर्ड के परीक्षा परिणाम में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का प्रमाण बताया।
पुरस्कार वितरण समारोह में छात्राओं को प्रमाणपत्र देतेे राज्यमंत्री देवनानी।