कंसल्टेंट प्रतिनिधि मनमर्जी से तैयार कर रहे डीपीआर
अजमेर| स्वायत्तशासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव मंजीत सिंह ने शुक्रवार को संभाग स्तरीय बैठक ली। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं में काम की गति धीमी होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
अजमेर में अमृत और ह्रदय योजनाओं डीपीआर बना रही दिल्ली की कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें भुगतान नहीं हो पास रहा है। इस पर जिला कलेक्टर डॉ. आरुषि मलिक आैर नगर निगम के मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने कहा कि कंसल्टेंट कंपनी के प्रतिनिधि अपने स्तर पर ही डीपीआर तैयार कर रहे हैं। अब तक उन्होंने संपर्क ही नहीं किया है। वे क्या कर रहे हैं, इसकी जानकारी भी उन्हीं के पास है। मंजीत सिंह ने निर्देश दिए कि प्रशासन एवं नगर निगम की सहमति से ही डीपीआर तैयार करवाई जाए।
स्वच्छ भारत मिशन में पिछड़ा अजमेर
स्वच्छभारत मिशन में काम संतोषजनक नहीं होने पर मेयर गहलोत ने बताया कि शहर में अधिकांश बस्तियां पहाड़ी क्षेत्र में है अथवा वन क्षेत्र में बसी हुई हैं। वन विभाग की आपत्ति के चलते प्रगति नहीं हो पा रही है। इसके बाद वन विभाग को निर्देश दिए गए कि इस काम को रुकने नहीं दिया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि शौचालय बनने के लिए निगम अपने स्तर पर निविदा जारी करेगा।
20हजार सीवरेज कनेक्शन होना थे, हुए मात्र 1300 : निगमक्षेत्र में अब तक 20 हजार कनेक्शन हो जाने चाहिए थे। लेकिन 1300 ही कनेक्शन हुए हैं। निगम अधिकारियों ने बताया कि जिन क्षेत्रों मे सीवरेज चैम्बर बनकर तैयार हैं वहां पर 3000 हजार फार्म बेच दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि पूर्व में सीवरेज का काम यूआईटी स्तर पर करवाया गया था। निगम को इसकी ड्राइंग ही नहीं मिली है। सिंह ने कहा कि शहर में बनने वाले सभी चैंबर के लिए निगम स्तर पर निविदा जारी कर दी जाए। इसके लिए आने वाले 5 करोड़ के खर्चे का स्वच्छ भारत मिशन से भुगतान कर दिया जाए।
डीसी ऑफिस में बैठक लेते हुए प्रमुख शासन सचिव मंजीत सिंह।