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पेज एक का शेष...

5 वर्ष पहले
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पेज एक का शेष...

ठाकरे, शिवसेना मुख्यालय...

मुझसे26/11 हमले के बाद जांच एजेंसियों ने पूछताछ की थी। यहां तक कि सेना नेतृत्व ने मुझसे कभी कोई सवाल नहीं पूछा। यदि पूछेंगे तो मैं हर सवाल का जवाब उन्हें दूंगा।’

भारत-पाकिस्तानयुद्ध से ज्यादा नुकसान करना चाहता था अल-कायदा : हेडली

1.एनडीसी था अल-कायदा के निशाने पर : ‘मैं26/11 आतंकी हमले के बाद फरवरी 2009 में (अल कायदा के) इलियास कश्मीरी से मिला। उसने मुझे फिर भारत जाकर एनडीसी (नेशनल डिफेंस कॉलेज) जैसी कुछ जगहों का सर्वे करने को कहा। अब्दुल रहमान पाशा ने मुझसे कहा था कि यदि हमला सफल रहा तो हम इतने ब्रिगेडियर और जनरलों को मार सकेंगे, जितने अब तक के भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धों में भी नहीं मारे होंगे। उसके आदेश पर ही मैंने पुष्कर, गोवा और पुणे के छाबड़ हाउस का दौरा किया। यह सब सेकंडरी टारगेट्स थे।’

2.बार्क में अपने जासूस बनाना चाहता था आईएसआई : ‘मैंनेजुलाई 2008 में मुंबई के ट्रॉम्बे में बार्क की वीडियोग्राफी की थी। मैंने यह वीडियो साजिद मीर और मेजर इकबाल को सौंपे थे। मेजर इकबाल ने मुझसे कहा था कि भविष्य में बार्क के कुछ सदस्यों को चुनें जो आईएसआई के लिए काम करने और गोपनीय सूचनाएं देने को तैयार हो जाएं।’

3.कसाब का फोटो पहचाना, गिरफ्तारी से निराश था लश्कर : हेडलीने गिरफ्तार किए गए 26/11 के इकलौते जीवित हमलावर अजमल कसाब को तस्वीर से पहचाना। हेडली ने बताया, “यह अजमल कसाब है रहमतउल्लाह आलिया’। उससे फिर से पूरा नाम पूछा तो उसने कहा, “नाम सिर्फ अजमल कसाब है। रहमतउल्लाह आलिया का मतलब ईश्वर उसे माफ करें। कसाब की गिरफ्तारी से साजिद मीर समेत लश्कर में सब दुखी थे।’

4.छाबड़ हाउस का सर्वे और वीडियोग्राफी भी की थी : ‘मुंबईमें रेकी के बाद मेरी पाकिस्तान में लश्कर के नेता जकी-उर-रहमान लखवी, साजिद मीर, अबु काहफा और अब्दुल रहमान पाशा और मेजर इकबाल से कई मुलाकातें हुई थी। मैंने ही जुलाई 2008 में मुंबई के छाबड़ हाउस का सर्वे और वीडियोग्राफी की। मैं नहीं जानता था कि वहां कौन रहता है। साजिद मीर और पाशा ने मुझे ऐसा करने को कहा था। उन्होंने बताया था कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्थान है। यहां यहूदी और इजराइली लोग रहते हैं।’

5.सिद्धिविनायक मंदिर पर हमले से मैंने मना किया : ‘आईएसआईऔर लश्कर-ए-तैयबा में मेरे हैंडलर नवंबर 2008 के आतंकी हमले के दौरान सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई एयरपोर्ट और नेवल एयर स्टेशन पर हमला करना चाहते थे। लेकिन मैंने उन्हें रोका। मुझे लगता था कि इन्हें टारगेट बनाया तो सभी 10 हमलावरों को एक ही जगह भेजना होगा। मेजर इकबाल इससे खुश नहीं था कि मुंबई एयरपोर्ट को हमले के लिए नहीं चुना।’

6.सिद्धिविनायक मंदिर से खरीदे थे हमलावरों के लिए लाल-पीले धागे : ‘जुलाई2008 में मैं सिद्धिविनायक मंदिर गया था। वीडियोग्राफी की। वहां से लाल और पीले धागे भी खरीदे थे। मुझे लगा कि यदि दसों हमलावर यह पहनेंगे तो लोग उन्हें भारतीय ही समझेंगे। मुझे ऐसा करने के लिए किसी ने नहीं कहा था। मैंने मंदिर के बाहर एक व्यक्ति को इन धागों को बेचते हुए देखा। उससे ही मेरे दिमाग में यह बात आई। पाकिस्तान लौटकर मैंने वह धागे साजिद मीर को सौंपे। उसे बताया कि भारत में हिंदू यह धागा बांधते हैं। यदि हमलावर यह धागा पहनेंगे तो हिंदुओं जैसे दिखाई देंगे।’

7.साजिद मीर लाया था हमलावरों के लिए भारतीय फोन : ‘साजिदमीर ने ही दस भारतीय फोनों का इंतजाम किया था। ताकि हमलावरों को उन पर दिशानिर्देश दिए जा सके। साजिद मीर ने मुझे वाघा बॉर्डर जाकर उसकी जांच करने को कहा था। ताकि देखा जा सके कि फोन पर सिग्नल मिल रहे हैं या नहीं। मैंने साजिद मीर को बताया कि सिग्नल रहे हैं।’

8.मैं कभी कराची के कंट्रोल रूम में नहीं गया : ‘कराचीके जिस कंट्रोल रूम से आतंकियों को निर्देश दिए जा रहे थे, मैं वहां कभी नहीं गया। लखवी चाहता था कि हमलावर गेटवे ऑफ इंडिया पर उतरे, लेकिन मैंने मना किया। मैंने उसे बताया कि वहां जाना खतरे से खाली नहीं होगा। उसके लिए नेवी के सुरक्षा इंतजामों को पार करना होगा। पकड़े जाने का खतरा रहेगा। फिर लखवी भी मेरी बात मान गया। लखवी ने मुझसे कहा था कि भारत ने पाकिस्तान में जितने भी धमाके कराए हैं, यह उसका बदला लेने का सबसे अच्छा मौका है। इसमें कोई गलती नहीं होनी चाहिए।’

सोना21 माह के...

ट्रेडर्सका कहना है कि शादियों के कारण ज्वैलरी की मांग बढ़ी है। रिटेल दुकानदार ज्यादा सोना खरीद रहे हैं। मांग बढ़ने का असर कीमतों पर हो रहा है। इसके अलावा डॉलर की तुलना में रुपया सस्ता होने से आयात भी महंगा हो गया है। गुरुवार को न्यूयॉर्क में सोने की कीमत 4.14 फीसदी बढ़कर 1,246.40 डॉलर प्रति औंस हो गई थी। अजमेर में शुक्रवार को चांदी भी 400 रुपए प्रति किलोग्राम महंगी हो गई है।

सरपंचोंको निलंबित...

अदालतने यह आदेश पुष्पा बाई वर्मा द्रोपदी मीणा सहित अन्य की याचिका पर दिया। याचिकाओं में राज्य सरकार द्वारा चुनाव पूर्व अयोग्यता के चलते प्रार्थियों को निलंबित करने उनके खिलाफ जांच कार्रवाई को चुनौती दी थी।

मेयरऔर डिप्टी...

यहप्रकरण फिलहाल दर्ज होने की प्रक्रिया में है। आराेप है कि उक्त फैसले के दिशा निर्देशों काे अपने हिसाब से तोड़ मरोड़कर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है तो कुछ को तोड़फोड़ की कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है। रवि नरचल के पत्र पर ही राजस्थान हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस सुनील अंबवानी और जस्टिस अजीत सिंह की खंडपीठ ने अहम फैसला पारित किया था। जस्टिस अजीत सिंह अभी हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस हैं। अवैध निर्माण सहित आनासागर के चारों ओर बन रही इमारतों को लेकर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कई दिशा निर्देश पारित किए थे। नगर निगम प्रशासन ने हाईकोर्ट के फैसले की पालना करनी तो दूर, उल्टे अपने हिसाब से दिशा निर्देशों की व्याख्या तय कर ली। व्याख्या करते हुए कुछ लोगों को तो राहत दे दी, जो हकदार नहीं थे और जो हकदार हैं, उन पर तोड़फोड़ की तलवार लटकाई हुई है।

6लाख की आबादी...

लेकिनछह लाख की आबादी वाले इस शहर में छह महीने बीतने के बावजूद एक भी ऐसा व्यक्ति सामने नहीं आया जो नगर निगम की अवैध निर्माणों के प्रति मनमाने रवैये को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी या अवमानना याचिका दायर करें। इस मामले काे उठाने वाले रवि नरचल ने ही आखिर एक बार फिर व्हिसल ब्लोअर की भूमिका निभाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

याचिकामें इन अवैध...

1.लोहागल रोड स्थित महेश पुष्पा तेजवानी के अवैध रूप से बने होटल के मामले में हाईकोर्ट ने 5 अगस्त 2015 को अपने फैसले में विशेष दिशा निर्देश दिए थे। इसमें साफ कहा गया था कि जो कंपाउंड योग्य हिस्सा नहीं है उसे 30 दिन में हटाया जाए और जो कंपाउंड होने योग्य है उसे शुल्क लेकर नियमित किया जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश को दरकिनार करते हुए नगर निगम के अफसरों ने भवन मालिक से मिलीभगत कर अवैध निर्माण हटाने की बजाए पूरे अवैध निर्माण को ही नियमित कर दिया। महेश तेजवानी का यह निर्माण 1966 के कंपाउंडिंग रूल्स से कवर नहीं होता है, इसके बावजूद इस पर यह कंपाउंडिंग रूल्स लागू मान लिए गए, जो चारदीवारी क्षेत्र के भीतर के लिए हैं।

5. इन सभी अवैध निर्माणों के साथ ही रामगंज में पुष्पा गुप्ता, अशोक करमचंदानी के स्टार मैरिज गार्डन, एनडी ज्वैलर्स, ममता साड़ीज, मदार गेट पर संचेती यात्री निवास का मुद्दा भी उठाया गया है। संचेती के मामले में डीएलबी से याचिका निस्तारित हो जाने के बावजूद निगम प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की है। याचिका में भवन मालिकों से निगम के अफसरों की सांठगांठ का आरोप लगाया है।

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