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‘मानव शरीर से ही मिल सकता है मोक्ष’

6 वर्ष पहले
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अजमेर|केसरगंज स्थितआर्य समाज अजमेर के तत्वावधान में आयोजित रविवारीय साप्ताहिक सत्संग को सं‍बोधित करते हुए उप प्रधान नवीन मिश्र ने कहा कि मनुष्य का जन्म अनेक पुण्य कर्मों के बाद मिलता है। मोक्ष की प्राप्ति मनुष्य शरीर के द्वारा ही हो सकती है। यदि मनुष्य धर्मादि श्रेष्ठ कर्म करता है, लेकिन वह मोक्ष प्राप्त नहीं कर पाता है तो परमात्मा पुनः मनुष्य शरीर प्रदान कर मोक्ष पाने का अवसर प्रदान करता है। मिश्र ने कहा कि ऋषि दयानंद ने हम पर बड़ी कृपा की, जिन्होंने हमें वेद के अनुसार अपना जीवन बिताने का मार्ग बताया तथा वेद मार्ग पर चलकर हम मानव जीवन को सार्थक कर सकते हैं।

ईश वंदना आचार्य अमर सिंह शास्त्री ने की तथा ईश्वर भक्ति भजन नैना आर्या ने “उस प्रभु की है कृपा बड़ी, याद कर ले घड़ी दो घड़ी’, ऋषि भक्ति गीत प्रीति आर्या ने “ऋषिवर ऋषिवर आना जरा मेरे देश में’ प्रस्तुत कर समस्त आर्यजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महर्षि दयानंद सरस्वती के अमर ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश का कथा वाचन डाॅ. राधेश्याम शास्त्री ने किया। इससे पूर्व आचार्य अमरसिंह प्रकाश शास्त्री के ब्रह्मत्व में देव यज्ञ ब्रह्म यज्ञ आयोजित किया गया, जिसमें यजमान चंदराम आर्य, भागचंद गर्ग, लालचन्द आर्य, राकेश मीणा शामिल हुए। इस अवसर पर रासासिंह, चिरंजीलाल शर्मा, किशनलाल शर्मा, श्रद्धानंद शास्त्री, सुरेंद्रा कुमारी चौैहान आदि मौजूद थे।

परमात्मारचित सृष्टि से प्यार करने से लाभ : जागेश्वर निर्मल

आर्यसमाज संस्था एवं भगवानी देवी प्रभुदास दयाराम वीरवानी चेरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आर्य समाज भवन मूंदड़ी मोहल्ला नला बाजार के भवन में हवन किया गया। इस अवसर पर पंडित एवं कवि जागेश्वर निर्मल ने कहा कि परमात्मा द्वारा रचित इस संसार की हर वस्तु से हमको समान रूप से प्यार करना चाहिए हमें किसी को छोटा, किसी को बड़ा नहीं समझकर सबके साथ समान आचरण करने और दया आदर भाव रखने से परमात्मा की हम पर कृपा होती रहेगी। इस अवसर पर आयोजित हवन में प्रधान चंद्रा देवनानी, उप प्रधान चतुर मूलचंदानी, शिवचरण आनंदकर, मंत्री महेश हूंदलानी, मुन्नी देवी, संयुक्त मंत्री रमेश लालवानी, निर्मला हूंदलानी, नर्बदा झाला, किशन प्यारी अग्रवाल, मंजू देवी तथा अन्य ने भाग लिया। इस अवसर पर वैदिक संध्या जाप हुआ एवं प्रभु आराधना के भजन निर्मला हूंदलानी ने सुनाए।