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बोर्ड के संस्कृत सिलेबस में शामिल होगा श्रीजी का साहित्य : सीएम

Ajmer News - निम्बार्कपीठ के 49वें आचार्य बने श्याम शरण देव महाराज निम्बार्कपीठसलेमाबाद का इतिहास, जीवन दर्शन नए सत्र से...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2017, 09:25 AM IST
बोर्ड के संस्कृत सिलेबस में शामिल होगा श्रीजी का साहित्य : सीएम
निम्बार्कपीठ के 49वें आचार्य बने श्याम शरण देव महाराज

निम्बार्कपीठसलेमाबाद का इतिहास, जीवन दर्शन नए सत्र से माध्यमिक शिक्ष बोर्ड 10वीं के विद्यार्थी संस्कृत के सिलेबस में पढ़ेंगे। इसके अलावा श्रीजी महाराज की रचित भारत-भारती वेदों की रचना को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।यह घोषणा निम्बार्कपीठ सलेमाबाद में 49वें आचार्य पदाभिषेक समारोह में बुधवार को मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने हनुमानगढ़ मेगा हाइवे से सलेमाबाद तीर्थ तक 3 करोड़ रुपए की लागत से टू-लेन रोड बनाने की घाेषणा भी की। शेष| पेज 10

जहांसंत होते हैं, वहां हमेशा ही बसंत होता है : बाबा रामदेव

योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि जहां संत होते हैं, वहां हमेशा ही बसंत होता है। श्री श्रीजी ने आचार्य परंपरा पीठ को जैसे बढ़ाया, नए आचार्य उसमें चार चांद लगाएंगे। संतों, आचार्यों के प्रति आस्था ने ही भारत वर्ष को बनाया तथा राजा-महाराजा उनकी आज्ञा में रह कर ही प्रजा की सेवा करते आए हैं। संतों के चरणों में बैठने की परंपरा को सीएम वसुंधरा राजे ने आज भी निभाया है। सनातन परंपरा को आज हम मूर्तरूप में देख रहे हैं। बाबा रामदेव ने इस अवसर पर घोषणा की कि एक वर्ष में निम्बार्कपीठ में बड़ा सुविधायुक्त आयुर्वेद चिकित्सालय योग केंद्र स्थापित होगा। योग, आयुर्वेद तथा पतंजलि पद्धति का लोगों को लाभ मिलेगा। वे यहां योग शिविर का आयोजन भी करेंगे।

(पढ़ेंपेज 2 8 भी)



दूसरोंके लिए समर्पित था श्रीजी महाराज का जीवन

राजेने कहा कि श्रीजी महाराज का जीवन दूसरों के लिए समर्पित था। इस महान संत ने मकर संक्रांति के दिन सुबह उठकर कामकाज किए और मुहूर्त देखा और उन्होंने सूर्य के उत्तरायण के समय देह को त्यागा। ऐसे महान संत को नमन है। श्रीजी महाराज के भक्त सिर्फ देश, बल्कि पूरी दुनिया में हैं। उन्होंने 48 ग्रंथों की रचना की।

राजनीति में धर्मनीति पर चलना कठिन भले ही, पर असंभव नहीं

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राजनीति में रहते हुए धर्म नीति को अपनाना कठिन भले ही है, लेकिन संतों आचार्यों के आशीर्वाद से इस रास्ते से भी विकास जन समस्याओं का निराकरण संभव है। श्रीजी राधा सर्वेश्वर देवाचार्य को दिल से श्रद्धांजलि देती हूं पीठ के नए आचार्य श्याम शरणदेव को बधाइयां देते हुए मुझे विश्वास है कि उनके द्वारा पीठ को दी गई ऊंचाइयों को वे और आगे ले जाएंगे।

आचार्यश्री के प्रशस्त मार्ग का जीवनपर्यंत पालन करूंगा : श्रीजी श्यामशरण देव

पीठ में युवाचार्य से आचार्य पदाभिषेक के बाद अपने पहले उद्बोधन में श्रीजी श्याम शरण देवजी ने कहा कि भगवद् सेवा का जो अवसर मिला है, इसमें कोई कमी या त्रुटि नहीं होगी। आचार्यश्री द्वारा प्रशस्त मार्ग का जीवन पर्यंत पालन करूंगा। उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहेगा। निम्बार्क तीर्थ के लोगों ने पिछले 20 दिनों में जो श्रद्धा का भाव दिखाया है, मैं गदगद हूं। प्रशासन लोगों का ही परिश्रम आज प्रतिफल के रूप में हमारे सामने है। मुख्यमंत्री का आचार्य पीठ से गुरुत्व व्यवहार रहा है, राधा माधव से प्रार्थना है कि इन पर हमेशा कृपा दृष्टि बनी रहे।



समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान प्रमुख दुर्गादास, सार्वजनिक निर्माण परिवहन मंत्री यूनुस खान, शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल, संसदीय सचिव सुरेश रावत, राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, विधायक भागीरथ चौधरी, विधायक शत्रुघ्न गौतम, पूर्व वन मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे, भाजपा शहर अध्यक्ष अरविंद यादव, देहात भाजपा जिलाध्यक्ष बीपी सारस्वत, जिला प्रमुख वंदना नोगिया, डेयरी अध्यक्ष रामचंद चौधरी, पूर्व जिला प्रमुख सरिता गैना, उप महापौर संपत सांखला, मार्बल व्यवसायी अशोक पाटनी समेत अन्य धार्मिक पीठों स्थानों से संत, महात्मा, आचार्य, पीठाधीश्वर भक्तगण मौजूद थे।

मदनगंज किशनगढ़ | अखिलभारतीय श्री निम्बार्काचार्य पीठ सलेमाबाद में बुधवार को बसंत पंचमी पर आयोजित आचार्य पदाभिषेक समारोह में चादर दस्तूर के साथ युवाचार्य श्याम शरणदेव पीठ के 49वें जगदगुरु बने। इस मौके पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, योगगुरु बाबा रामदेव और शंकराचार्य जगदगुरु वासुदेवानंद सरस्वती सहित देश के कई हिस्सों से आए संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित थे। समारोह का शुभारंभ पीठ के मंदिर में बुधवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ। पीठ के व्यास दामोदरशरण ने युवाचार्य के हाथों गद्दी का पूजन कराया। इस मौके पर युवाचार्य ने विभिन्न तीर्थस्थानों के पवित्र जल से गद्दी का अभिषेक किया। दामोदर शरण ने स्वस्तिवाचन के साथ गुलाब पुष्पों से गद्दी का पूजन कराया। युवाचार्य ने प्रभु श्रीराधामाधव सर्वेश्वर प्रभु का विधिपूर्वक पूजन किया। शेष| पेज 10





इसअवसर पर शंकराचार्य जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, जगदगुरु वल्लभाचार्य श्रीवल्लभरायजी महाराज सूरत, रामानुज संप्रदाय के जगदगुरु स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य, स्वामी वैंकटेश प्रपन्नाचार्य, स्वामी अवधेशानंद महाराज, दादू संप्रदाय के आचार्य गोपालदास महाराज, रामस्नेही संप्रदाय के खेड़ापा पीठाधिपति आचार्य पुरुषोत्तम दास महाराज सहित अन्य को युवाचार्य ने नमन किया। इसके बाद वल्लभाचार्य ने युवाचार्य को पद की शपथ दिलाई।

युवाचार्य ने शपथ ली, आचार्यों संत-महंतों ने चादर ओढ़ाई

वल्लभाचार्य ने सस्वर शपथ का वाचन किया और युवाचार्य ने शपथ ली। इसके बाद सभी आचार्यों संत-महंतों ने चादर ओढ़ाई। समारोह में सनातन हिन्दू धर्म के सभी संप्रदायों से जुड़े आचार्यों महामंडलेश्वरों, संतों, श्री महंतों, मंडलेश्वरों अन्य धार्मिक जगत के पदाधिकारियों ने चादर ओढ़ाई और नजर न्योछावर भेंट की। इस अवसर पर अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान जैनुल आबेदीन की ओर से उनके बड़े पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने भी चादर भेजी। देश के विभिन्न तीर्थस्थानों से आयी चादरें ओढ़ाई गईं और इसके बाद आचार्यों ने सभाकक्ष में आचार्य पदाभिषेक के बाद बने श्री श्रीजी महाराज से चर्चा की।



श्री श्याम शरण देव का जीवन परिचय

जन्म : 9 सितंबर 1986

जन्म का नाम : श्रीकांत

माता : संतोष

पिता : बालमुकुंद शर्मा

युवराज -23 मई 1993 को श्री श्यामशरणदेव युवराज बने।

विरक्त दीक्षा -5 मई 1995 को पूज्य आचार्यश्री ने विरक्त दीक्षा प्रदान की।

आचार्य -1 फरवरी 2017 को 49वें आचार्य बने।

सलेमाबाद में श्रीजी महाराज के भगवदधाम प्रवेश महोत्सव एवं युवराज श्री श्यामशरण देव का आचार्य पदाभिषेक समारोह में बुधवार को मुख्यमंत्री ने भी शिरकत की। समारोह में युवाचार्य को प्रणाम करतीं सीएम। फोटो| मुकेश परिहार

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