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ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र बनकर तैयार, 24 तीर्थंकर के लिए बने 14 मंदिर

लगभग सभी मंदिर तैयार हो गए हैं। अब बस इंतजार है विद्या सागरजी महाराज का।

Dainik Bhaskar

Apr 04, 2016, 05:40 AM IST
उत्तर भारत का सबसे बड़ा ज्ञानोदय तीर्थ। उत्तर भारत का सबसे बड़ा ज्ञानोदय तीर्थ।
अजमेर न्यूज. लीजिए, ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र नारेली तैयार हो गया है। लगभग सभी मंदिर तैयार हो गए हैं। अब बस इंतजार है विद्या सागरजी महाराज का। उनका आगमन अजमेर के धार्मिक इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।
नार्थ इंडिया का सबसे बड़ा ज्ञानोदय तीर्थ
महाराज जी के आते ही भव्य कार्यक्रम होगा और प्रतिमाएं स्थापित कर दी जाएंगी। आरके मार्बल के अशोक पाटनी महाराज जी को अजमेर आने का आग्रह कर रहे हैं। उत्तरी भारत का यह सबसे बड़ा ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र बन रहा है। बता दें कि 1994 में अजमेर में आए थे सुधासागर जी महाराज। चातुर्मास के दौरान वे इस तीर्थ क्षेत्र के मुख्य सूत्रधार बने। तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत शिलान्यास समारोह के मुख्य अतिथि थे। तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर ललित किशोर चतुर्वेदी भी समारोह में शामिल हुए।
सभी तीर्थंकर के लिए मंदिर
50 करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान था। लेकिन निर्माण बड़ा होने आैर समय लगने के कारण महंगाई के चलते करीब 100 करोड़ रुपए लागत आने का अनुमान है। 24 मंदिर जैन धर्म के 24 तीर्थंकर हैं। इन सभी के मंदिर यहां बनाए गए हैं। सभी मंदिर बन चुके हैं। इनका फिनिशिंग वर्क चल रहा है। 60 रुपए प्रति व्यक्ति भोजन मिल जाता है। महंगाई के इस दौर में यह बहुत कम है। यहां रोजाना 1000-1500 लोग आते हैं। रविवार को विधान आदि होते हैं, इसीलिए श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होती है।
आगे की स्लाइड में देखें जैन तीर्थंकर के फोटो...
बनाए जा रहे हैं 24 मंदिर। बनाए जा रहे हैं 24 मंदिर।
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उत्तर भारत का सबसे बड़ा ज्ञानोदय तीर्थ।उत्तर भारत का सबसे बड़ा ज्ञानोदय तीर्थ।
बनाए जा रहे हैं 24 मंदिर।बनाए जा रहे हैं 24 मंदिर।
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