राजस्थानी पोशाकों में गांव पहुंचे पूर्वाेत्तर के विद्यार्थियों को देख ग्रामीण अचंभित

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अजमेर. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी ) की राष्ट्रीय एकात्म यात्रा के तहत अजमेर पहुंचे पूर्वाेत्तर के विद्यार्थियों ने बुधवार को दूसरे दिन रमणीय स्थलों के दर्शन कर यहां की संस्कृति को करीब से देखा। 14 छात्राओं आैर 25 छात्रों के इस दल ने राजस्थानी पोशाकें पहनकर आसपास के गांवों में भ्रमण किया। रंग-बिरंगी राजस्थानी पोशाक आैर सिर पर साफा लगाकर जब यह दल गांव पहुंचा, वहां ग्रामीण इन्हें देख अचंभित रह गए।
गांव में पूर्वाेत्तर के इस दल की आवभगत में कोई कसर नहीं छोड़ी। पूर्वाेत्तर आैर मारवाड़ संस्कृति के इस मेलजोल में हर किसी के चेहरे खिल उठे। दल के प्रत्येक सदस्य ने कहा कि यहां आकर वे ऐसा महसूस कर रहे हैं जैसे उनके परिवार के ही लोग यहां बसे हैं।
ग्राम दर्शन को पहुंचे थे, लौटने लगे तो हुए भावुक
सेवन सिस्टर्स यानी अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम आैर त्रिपुरा राज्य के अलावा नागालैंड के छात्र-छात्राओं का यह दल अंतरराज्य विद्यार्थी जीवन दर्शन के तहत पूरे भारत में भ्रमण पर है। सभी विद्यार्थी अजमेर में विभिन्न स्थानीय विद्यार्थियों के परिवारों के साथ उनके आवास पर रह रहे हैं, वहीं खान-पान हो रहा है। परिषद पदाधिकारी आैर कार्यकर्ता इस दल के लिए सुविधाएं जुटा रहा है। विभाग संगठन मंत्री सोहन शर्मा ने बताया कि सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। आवास व्यवस्था, परिवहन, भोजन आैर ग्राम दर्शन के लिए परिषद के पदाधिकारी कमान संभाल रहे हैं।
सरसों के साग के साथ बाजरे की रोटी

सोहन शर्मा ने बताया कि दल में शामिल नागालैंड के त्सादीवा संगतम, असम के पवित्र राभा, त्रिपुरा के ब्रज किशोर, मिजोरम के जोन टी लुंगमुआता आैर मणिपुर के त्रविनंदा सिंह सहित सभी सदस्यों ने यहां बार-बार आने की इच्छा जताई। केमल सफारी आैर सरसों के साग के साथ बाजरे की रोटी उन्हें खूब पसंद आई।
एक दूसरे से सीख रहे, सिखा रहे हैं...

सभी सदस्य अपने राज्यों की कला-संस्कृति स्थानीय विद्यार्थियों को सिखा रहे हैं। कुछ ने उनसे बिहू नृत्य सीखा तो यहां के विद्यार्थियों ने उन्हें राजस्थानी नृत्य सिखाया।
खबरें और भी हैं...