अजमेर. जिले में 6 जगह पर बीएसएनएल का नेटवर्क मजबूत किया जाएगा। इसके लिए टावर लगाने की शुरुआत कर दी गई है। जल्द ही इन पर बीटीएस (बेस ट्रांसमिशन स्टेशन) लगाए जाएंगे। इसके बाद इन इलाकों में कॉल ड्राॅप खत्म हो जाएगा।
बीएसएनएल के नेटवर्क से आसानी से इन इलाकों में बात हो पाएगी। दरअसल लंबे समय से अजमेर में बीएसएनएल समेत अन्य निजी कंपनियों के सामने कॉल ड्राॅप की समस्या आ रही है। इससे उपभोक्ता भी दूसरी मोबाइल कंपनियों की तरफ रुख करने लगे हैं।
ऐसे में बीएसएनएल मुख्यालय की ओर से 6 टावर अजमेर जिले में विशेष तौर पर लगाए जाने की स्वीकृति मिली है। इसका काम शुरू हो चुका है। करीब दो महीने के भीतर इन्हें शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस कार्य के लिए प्रदेश के अजमेर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में 42 टावर लगाए जाने हैं, मगर इनमें से 6 टावर अजमेर में लगने हैं। बीएसएनएल प्रबंधन इन स्थानों को चयनित कर यहां काम की शुरुआत कर चुका है।
मंत्री के दौरे से आई काम में तेजी
गत 3 फरवरी को दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद के सीकर दौरे के दौरान इस कार्य की भी चर्चा की गई। इससे कार्य में और तेजी आ गई है। जीएम एनएल मीणा ने इसकी मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। सभी साइट्स पर अफसरों को भेजकर प्रगति रिपोर्ट मंगवाई गई है।
यहां लगेंगे नए टावर
- कोटड़ा
- नौसर घाटी
- गुलाबबाड़ी
- पीसांगन
- नसीराबाद मुख्य बाजार
- सेंट्रल यूनिवर्सिटी
यह होगा मोबाइल उपभोक्ताओं को फायदा
नए मोबाइल टावर लगाने के बाद कॉल ड्राॅप की समस्या से निजात मिल जाएगी। आवाज भी साफ हो जाएगी। मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने, बीच-बीच में कॉल कटने समेत अन्य समस्याओं से बीएसएनएल के उपभोक्ताओं को निजात मिलेगी। जिन इलाकों में बीएसएनएल टावर लगा रहा है, उन इलाकों में गत दिनों से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है।
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