अजमेर. अजमेर-खंडवा रेल लाइन की जमीन पर बने परबतपुरा ओवरब्रिज के हिस्से के एवज में एनएचएआई से 3.59 करोड़ रुपए बतौर लीज मांग रहे रेलवे प्रशासन को आखिर पीछे हटना पड़ा है।
रेल प्रशासन की लीज राशि की मांग के चलते ओवरब्रिज की तीन लेन का काम पिछले दो साल से अटका हुआ था। पीएमओ के दखल के बाद रेलवे ने लीज राशि लेने की मांग को वापस लिया और अब ब्रिज पर शेष तीन लेन का काम शुरू हो सका है। गौरतलब है कि टोल टैक्स वसूला जाना शुरू हो चुका है। किशनगढ़-ब्यावर सिक्सलेन सड़क पर परबतपुरा चौराहा व बड़गांव रेलवे फाटक (अजमेर-खंडवा रेल मार्ग एलसी संख्या 04 ए) पर बने ओवरब्रिज का निर्माण अब पूरा होने की उम्मीद है।
असल में इस ब्रिज की रेल लाइन के ऊपर की तीन लेन ही फिलहाल यातायात के लिए खुली है, शेष तीन लेन पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है। इसका कारण यह रहा कि तीन लेन पर ओवरब्रिज का जो हिस्सा रेल लाइन के ऊपर से गुजर रहा है, उसका निर्माण पिछले करीब सवा दो साल से बंद पड़ा है। रेलवे द्वारा एनएचएआई व सिक्स लेन का निर्माण कर रही सूमो आइसोलेक्स कंपनी को ओवरब्रिज के तीन लेन वाले हिस्से पर निर्माण की इजाजत नहीं दी गई।
देश में यह पहला उदाहरण, जहां रेलवे मांग रहा था लीज राशि
रेल प्रशासन ने ओवरब्रिज के शेष हिस्से के निर्माण की इजाजत देने से इसलिए इनकार कर दिया कि जो हिस्सा रेल लाइन की जमीन के ऊपर बनेगा, उसके नीचे की जमीन रेलवे की है तथा उसके उपयोग के एवज में 3 करोड़ 59 लाख 63 हजार 511 रुपए जमा कराएंं।
रेलवे के स्थानीय प्रशासन, रेलवे जोन के प्रशासन व बाद में रेलवे बोर्ड व मंत्रालय तक लीज राशि का विवाद पहुंचा। देशभर में रेलवे लाइनों पर हजारों ओवरब्रिज बने हैं और वर्तमान में कई का निर्माण चल रहा है। लेकिन रेल प्रशासन ने किसी भी स्थान पर लीज राशि की मांग नहीं की। देश में यह पहला उदाहरण है, जहां रेलवे ने लीज राशि की मांग कर काम को रोक दिया।
पीएमओ तक पहुंचा विवाद
रेलवे व एनएचएआई का यह विवाद अंतत: पीएमओ तक पहुंच गया। एनएचएआई ने रेलवे की लीज राशि की मांग को गलत ठहराते हुए इसे निरस्त करने की बात कही। पीएमओ स्तर पर गठित कमेटी ने दोनों पक्षों से जानकारी ली। पीएमओ ने भी रेलवे की लीज राशि की मांग को गलत ठहराया और काम के लिए रेलवे को इजाजत देने को कहा।
अब काम शुरू हो गया
रेलवे से इजाजत मिलने के बाद ओवरब्रिज की तीन लेन के हिस्से के निर्माण का काम एक बार फिर शुरू हो गया है। ठेकेदार कंपनी द्वारा इस पर गर्डर रखने तथा अन्य काम किए जा रहे हैं। कंपनी से जुड़े अधिकारी कहते हैं कि समय पर शटडाउन मिल जाता है तो शेष काम को भी पूरा कर लिया जाए। लगभग दो माह में इस हिस्से की तीन लेन पर भी वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
ओवरब्रिज के हिस्से के नीचे रेलवे की जमीन को लेकर रेल प्रशासन द्वारा लीज राशि के बतौर जो 3.59 करोड़ की राशि मांगी जा रही थी। उसे लेकर अब विवाद सुलझ गया है। रेल प्रशासन ने पीएमओ के दखल के बाद राशि की मांग को वापस ले लिया है। अब शेष तीन लेन पर ओवरब्रिज का निर्माण काम वापस शुरू कर दिया गया है।’ - आईबी सिंह, प्रोजेक्ट प्रभारी, अजमेर यूनिट एनएचएआई
रेलवे व एनएचएआई की स्वीकृति मिलने के बाद ओवरब्रिज की शेष रही तीन लेन का काम शुरू कर दिया गया है। मार्च 2016 तक इस पर यातायात संचालन शुरू हो जाएगा।’- एसबी गर्ग, आइसोलैक्स प्रभारी, अजमेर