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सेल्फ डिफेंस सिस्टम व सोशल मीडिया से बेटियां बनेंगी सशक्त

5 वर्ष पहले
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मदनगंज-किशनगढ़। काॅलेज व स्कूल की छात्राओं को सेल्फ डिफेंस सिस्टम और सोशल मीडिया और सशक्त बनाएगा। नए सत्र से यह सिस्टम लागू होगा। इस सिस्टम में 25 छात्राओं का एक ग्रुप बनाकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। ग्रुप की छात्राएं सोशल मीडिया जैसे वाट्सएप, फेसबुक, ई-मेल, व एसएमएस के जरिए आपस में कनेक्ट रहेंगी।

जानकारी के अनुसार किसी भी छात्रा के साथ कैंपस या उसके बाहर बदसलूकी होने पर ग्रुप लीडर को सोशल मीडिया के जरिए सूचित करना होगा। सूचना मिलते ही पूरा ग्रुप एक्टिव हो जाएगा। वह पुलिस, प्रशासन मीडिया व समाजसेवी संस्थाओं का सूचित करेगा और मौके पर पहुंच कर ग्रुप के साथी कार्रवाई भी करेंगे। इन्हें इस तरह प्रशिक्षण दिया जाएगा कि ये काॅलेज व स्कूल में होने वाली लिंग भेद, अश्लील फब्तियां सहित अन्य प्रकार के सेक्सुअल हरैसमेंट से अपने साथ ही दूसरों का भी बचाव करें। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा विभाग व यूजीसी के निर्देशन में शिक्षा सत्र 2016-17 से शुरू किया जाएगा। इसे स्टूडेंट काउंसिल सिस्टम नाम दिया गया है।
राजकीय काॅलेज में यूजीसी प्रभारी डाॅ. एस शुक्ला ने बताया कि यूजीसी ने इसका एक्शन प्लान तैयार किया गया है। टीम छेड़छाड़ के खिलाफ आवाज उठाएगी।
सभी सदस्य आपस में वाट्सएप, एसएमएस, ईमेल, फेसबुक के जरिए जुड़े रहेंगे। टीम की लीडरशिप काॅलेज प्राचार्य या संस्था प्रधान करेंगे। बालिका दल का नेतृत्व महिला व्याख्याता, तथा बालको के दल का नेतृत्व पुरुष व्याख्याता करेंगे। प्रत्येक काॅलेज इसका रिकार्ड मेंटेन करेगा और हर माह की रिपोर्ट बनाकर यूजीसी को भेजेगा।
इस प्रकार कार्य करेगा दल
छात्राओं से कैंपस के अंदर या बाहर छेड़छाड़ हाेने पर टीम लीडर के साथ पुलिस से संपर्क करेगी। महिला आयोग व मीडिया की मदद लेगी। यूजीसी प्रभारी गुलजारीलाल ने बताया कि स्टूडेंट्स के साथ मारपीट होने, कथित छात्र संगठनों द्वारा दबाव बनाने पर उससे निपटने के लिए ग्रुप एकजुटता से काम करेगा। रैगिंग होने पर भी तत्काल एक्शन लिया जाएगा। विद्यार्थियों की अध्ययन संबंधी तनाव दूर करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत काॅलेज के अन्य ग्रुप की मदद ली जाएगी।
इसलिए बनाई जा रही है स्टूडेंट काउंसिल
प्राचार्य डॉ. सूद ने बताया कि आए दिन काॅलेज व स्कूलों में बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ सहित अन्य प्रकार की घटनाएं होती हैं। रही है। घटनाओं से प्रताड़ित हो विद्यार्थियों में आत्महत्या की घटनाएं हो रही है। इसके साथ ही अन्य कई प्रकार की घटनाएं हो रही है जाे काॅलेज या स्कूल के लिए अच्छा नहीं है। इससे बचाने के लिए स्टुडेंट्स काउंसिल का गठन हर कालेज में किया जाएगा।
पुलिस व समाजसेवियों की ली जाएगी मदद
प्राचार्य डाॅ. सूद ने बताया कि इस दिशा में सभी विभागाध्यक्षों व व्याख्याताओं के साथ हर माह बैठक की जाएगी। इसमें छात्र व छात्रा ग्रुप के लीडर भी शामिल होंगे। जो समस्या हल करने में दोनों ग्रुप को परेशानी होगी उस समस्या का निस्तारण सभी द्वारा मिल कर किया जाएगा। इसमें संबंधित थाना पुलिस के साथ समाजसेवियों की भी मदद ली जाएगी। ऐसे मामलो का रिकार्ड प्रमाण पत्र के साथ मेंशन किया जाएगा। वर्ष में दो बार प्रति सेमेस्टर के हिसाब से रिपोर्ट करनी होगी। उच्च शिक्षा विभाग को भी इसे जोड़ा जाएगा।
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